मध्य प्रदेश एटीएस की ओर से पकड़े गए तीन आतंकियों में से एक सैयद मीर पर एमपी व यूपी पुलिस में टकराव की स्थिति है। सैयद मीर ने अपना पता अलीगढ़ का इंदिरा नगर बताया है। यह बात मंगलवार रात खुद डीजीपी ऑफिस के प्रेस नोट से जारी की गई। इस जानकारी पर अलीगढ़ पुलिस सक्रिय हुई। रात भर सघन अभियान चलाया, मगर सफल नहीं हुई।
अब पुलिस ने बुधवार को बयान जारी किया कि शायद मीर झूठ बोल रहा हो। मगर मध्य प्रदेश पुलिस के स्तर से वार्ता करने के बाद भी यह बाद स्पष्ट नहीं कर पा रही है। अलीगढ़ से लेकर लखनऊ तक अधिकारी एक ही जवाब देते फिर इससे ज्यादा तस्वीर साफ नहीं हो रही। पुलिस अधिकारियों के इस बयान से तो यही लग रहा है कि कहीं दोनों राज्यों की पुलिस में कोई टकराव तो नहीं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि कहीं इस टकराव की वजह से ही जांच सही दिशा में नहीं हो पा रही हो।
सैयद मीर का अलीगढ़ कनेक्शन
सैयद मीर
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में पकड़ा गया आईएस आतंकी सैयद मीर हुसैन उर्फ हमजा इंदिरा नगर का नहीं, बल्कि वह अलीगढ़ के सिविल लाइंस इलाके के न्यू सरसैयद नगर के किसी कोचिंग सेंटर में छह माह पढ़ा है। यह बात अब तक की जांच में लगभग साफ हो गई है। हालांकि अधिकारी खुले तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे। मगर इतना साफ है कि उसका अलीगढ़ से तगड़ा कनेक्शन है। हां, पुलिस ने इस बात से राहत जरूर महसूस की है कि वह अलीगढ़ का नहीं है। मगर पुलिस का खोज अभियान जारी है और अभी तक पुलिस खाली हाथ है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बुधवार दुपहर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह बात मंगलवार देर रात मीडिया के जरिये चर्चाओं में आई कि मीर अलीगढ़ के इंदिरा नगर का रहने वाला है। मगर बुधवार तक मध्य प्रदेश पुलिस से इसकी अधिकारिक सूचना नहीं मिली है। फिर चूंकि उसने अपना पता अलीगढ़ बताया। इसलिए हम बेहद सतर्क हैं। इसी क्रम में रात भर हमारा सर्च ऑपरेशन जारी रहा। इसके बाद अब अलीगढ़ में सघन चेकिंग व मीर के कनेक्शन पर खोज अभियान जारी है।
सैयद मीर अलीगढ़ का नहीं यहां सिर्फ कोचिंग की
मध्य प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस
- फोटो : लोगो
इधर, एजेसियों से जुड़े सूत्रों पर गौर करें तो सैयद मीर ने अलीगढ़ के सिविल लाइंस के न्यू सरसैयद नगर इलाके के किसी कोचिंग से कुछ माह कोचिंग की है। इसलिए वह अलीगढ़ से भली भांति परिचित है। इसके अलावा उसके साथ पकड़े गए उसके रिश्ते के भाई आतिफ के विषय में चर्चा है कि वह शहर के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से वर्ष 2011 में एक साल पढ़ाई कर चुका है। मगर इस चर्चा की कहीं पुष्टि नहीं हो पा रही। फिर भी एजेंसियां इन दोनों सूचनाओं के आधार पर सिविल लाइंस के सभी कोचिंगों व शिक्षण संस्था के रिकार्ड से जानकारी जुटाने में लगी है।
हमें कोई अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। जो चर्चाएं आ रही हैं, उन पर काम कर रहे हैं। कोचिंग की चर्चा पर भी काम कराया गया है। अभी कोई इनपुट नहीं मिला है। मीर कन्नौज के गुरसहायगंज का है, यह बात लगभग साफ हो गई है।-राजेश पांडेय एसएसपी