कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद महासचिव प्रियंका गांधी ने युवाओं के रोजगार का मामला उठाया है। प्रियंका ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि हर साल इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू साइन होते हैं लेकिन उसका लाभ नहीं दिखता।
प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि करोड़ों लगाकर इन समिट में ये काम कागजी शेर बनने के लिए किया जाता है। उत्तर प्रदेश में भयंकर बेरोजगारी है और आर्थिक तंगी की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार को ये बताना चाहिए कितने एमओयू धरातल पर उतरे। कितने युवाओं को रोजगार मिला है।
इससे पहले एक अन्य ट्वीट में प्रियंका गांधी ने कहा कि युवा शक्ति भारत की ताकत है। भाजपा सरकार की रोजगार नष्ट करने वाली नीतियों के ठीक विपरीत आज भारत के युवाओं के लिए रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर खड़े करने की आवश्यकता है। उन्होंने लिखा हैशटैग रोजगारदो युवा भारत की मांग है। रोजगार युवा भारत की जरूरत है।
राहुल ने भी बोला था हमला
प्रियंका गांधी से पहले राहुल गांधी ने हैशटैग रोजगारदो मुहिम को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने इस हैशटैग के साथ किए एक ट्वीट में वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था- देश के युवाओं के मन की बात: रोजगार दो, मोदी सरकार! आप भी अपनी आवाज युवा कांग्रेस के हैशटैग रोजगारदो के साथ जोड़कर, सरकार को नींद से जगाइये। ये देश के भविष्य का सवाल है।