संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्वारा दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बुधवार को संसद में पारित हो गया। राज्यसभा में विपक्षी कांग्रेस ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर 200 से अधिक संशोधन पेश किए थे लेकिन बाद में उसने सभी संशोधन वापस ले लिए। उच्च सदन में, राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 13 घंटे तक बहुस हुई जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के 50 से अधिक सदस्यों ने अपनी अपनी बात रखी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने चर्चा का जवाब दिया।
प्रधानमंत्री के जवाब के बाद सदन ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इससे पहले कांग्रेस ने अपने 200 से अधिक संशोधनों को वापस ले लिया। माकपा और भाकपा ने एक एक संशोधन पेश किए थे जिन्हें ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।
माकपा नेता टी के रंगराजन ने अपने संशोधन पर मत विभाजन की मांग की लेकिन दूसरा संशोधन उन्होंने वापस ले लिया। भाकपा के डी राजा ने अपने संशोधन पर जोर दिया लेकिन उनका संशोधन ध्वनिमत से खारिज कर दिया। कांग्रेस सदस्य छाया वर्मा, टी सुब्बीरामी रेड्डी और रिपुन बोरा ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में संशोधन पेश किए लेकिन उन्हें वापस ले लिया।
राष्ट्रपति अभिभाषण पर लोकसभा में लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री मोदी के जवाब के बाद मंगलवाद को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया था।