पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए काउंस्टेबल सुदीप विश्वास की मां ममता विश्वास नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के खास मेहमानों में एक हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह की चकाचौंध और मंत्रियों के नाम पर चल रही माथापच्ची से बेखबर ममता को इस बात पर गर्व है कि ऐसे मौके पर उनके बेटे की शहादत को याद किया जा रहा है। ममता ने कहा कि यह आमंत्रण सभी शहीदों के परिजनों के लिए खास मायने रखेगा।
इस समारोह में 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों के परिवार को खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया है। पश्चिम बंगाल के कृष्णगढ़ निवासी काउंस्टेबुल सुदीप विश्वास भी उस वाहन में थे जिसके आतंकियों की आरडीएक्स से भरी गाड़ी ने टक्कर मार कर परखच्चे उड़ा दिए थे। ममता के मुताबिक वह दिन नहीं भूलता जब सुपीप के मारे जाने की खबर मिली थी। लेकिन वक्त हरेक गम का इलाज होता है।
ममता को इस बात का बेहद संतोष है कि सरकार ने पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों के ठिकाने तबाह करने का फैसला लिया और बालकोट कार्रवाई कर उसे अंजाम दिया। आज इस आमंत्रण से उन्हें महसूस हो रहा है कि देश अब शहीदों को यूं ही वक्त के साथ नहीं भूलाएगा। ममता के साथ आए सुदीप के बहनोई समाप्तो विश्वास का कहना है कि पुलवामा घटना के बाद पूरे परिवार में गहरी निराशा थी। लेकिन सरकार के रवैये ने हमारी उस सोंच को बदल दिया कि छोटे परिवार से सुरक्षा बल में शामिल होने वाले युवक सिर्फ बलि का बकरा बनते हैं।