नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव में शनिवार की रात 52 वर्षीया महिला को चोट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद करीब 15 घंटे तक इतवारी का शव दरवाजे पर ही पड़ा रहा। इतवारी के पति ने अपनी बेटी पर ही कई गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी बेटी समेत तीन पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खजुरिया गांव के टोला नंबर एक निवासी सीताराम चौहान के घर में शनिवार की रात बच्चों की पिटाई को लेकर झगड़ा हुआ। थोड़ी देर बाद पता लगा कि सीताराम की पत्नी इतवारी (52) की चोट लगने से मौत हो गई है। सुबह तक भी महिला का शव दरवाजे पर पड़ा हुआ था। मृत इतवारी की विवाहिता बेटी गायत्री ने गांव के कुछ लोगों पर यह आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उनकी पिटाई से घायल हुई मां की मौत हो गई है। इसके बाद से ही मामला गंभीर होने लगा। गांव के लोग मायके में रह रही विवाहिता बेटी के बारे में ही तरह-तरह की बात करते हुए घटना को संदिग्ध बताने लगे। बाद में मृत महिला इतवारी के पति सीताराम चौहान ने भी अपनी बेटी गायत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए नेबुआ नौरंगिया पुलिस को तहरीर सौंप दी।
सीताराम के अनुसार रात में गायत्री अपने भाई के 10 वर्षीय लड़के किशन को पीट रही थी। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर इतवारी उसे छुड़ाने गई। सीताराम के अनुसार गायत्री के हाथ से बच्चे को छुड़ाने के प्रयास में इतवारी का सिर दीवार से टकरा गया। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से ही उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में एसओ शैलेष सिंह ने बताया कि इतवारी के शरीर अथवा सिर पर गंभीर चोट के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। तहरीर के आधार पर बेटी समेत तीन लोगों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। इस घटना से परिवार सकते में है।