पति-पत्नी के एक साथ प्राण त्यागने की सुना होगा लेकिन आपसी विरोधाभास के लिए समाज में जाना जाने वाले सास-बहू के रिश्ते में यह घटना कम ही सुनने को मिलती है। लेकिन, मंगलवार को शहर में कुछ ऐसा ही हुआ।
कंपूघाट निवासी शीलादेवी (70) बीते छह साल से बीमार थीं, उनके कूल्हे की हड्डी टूट जाने के कारण वह बिस्तर पर रहती थीं। इस हालत में सास की सेवा का दायित्व बड़े बेटे की पत्नी ममता अग्रवाल (48) निभा रही थीं। मंगलवार को भी ममता अग्रवाल ने अपनी सास शीलादेवी की सेवा प्रतिदिन की भांति की।
दोपहर में करीब दो बजे सास-बहू आपस में बातें कर रही थीं कि अचानक शीलादेवी का स्वास्थ्य बिगड़ गया। ऐसे में बहू ममता ने उन्हें गंगाजल पिलाकर देखा तो पता चला उनकी सास अब इस दुनिया में नहीं थी।
यह देख ममता अग्रवाल का शरीर भी अचानक शिथिल हो गया। इस स्थिति को कोई समझ पाता उससे पहले ममता अग्रवाल ने भी प्राण त्याग दिए। सास और बहू दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस तरह की घटना की शहर भर में चर्चा है।