भारत की अध्यक्षता में जी-20 शिखर सम्मेलन अपने मूल एजेंडा और परिणामों के मामले में इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी व सफल सम्मेलन साबित हुआ है। इसमें कुल 112 परिणाम दस्तावेज व अध्यक्षीय दस्तावेज तैयार किए गए। पिछले सम्मेलन से तुलना करें, तो यह दोगुने से भी ज्यादा है। इसी वजह से इसे अब तक का सबसे सफल सम्मेलन माना जा रहा है।
इनमें 73 परिणाम दस्तावेज यानी आउटकम डॉक्यूमेंट्स हैं, जो सदस्य देशों के मंत्रियों की ओर से बीते महीनों में देश के विभिन्न शहरों में हुई बैठकों में बनी सहमति पर तैयार हुए हैं। इन्हें लाइन ऑफ एफर्ट दस्तावेज भी कहते हैं। वहीं, 39 संलग्न दस्तावेज हैं, जिन्हें कार्य समूह के दस्तावेजों से अलग अध्यक्षीय दस्तावेज कहा जाता है।
शहरों से पहचान
कार्य समूहों के दस्तावेज उन्हीं शहरों व क्षेत्रों के नाम से जारी हुए हैं, जहां बैठकें हुई थीं। इससे दस्तावेज के साथ भारत की पहचान भी जुड़ गई। इन्हें डेक्कन-खाद्य सुरक्षा व पोषण और चेन्नई-नीला महासागर इको के लिए उच्च स्तरीय सिद्धांत कहा गया है।