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मच्छर ने बताया, भारत कभी दुनिया से नहीं कटा

Tue, 31 Jan 2017 08:27 PM IST
एजेंसी/जर्मनी
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अब तक यह मान्यता रही है कि अफ्रीका से अलग होकर दुनिया के कई देश विकसित हुए हैं। इनमें से भारत लंबे समय तक समुद्र में तैरते हुए दुनिया से कटा रहा। लेकिन बॉन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी और पोलैंड की ग्दांस्क यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर किए गए अध्ययन में दावा किया है कि समुद्र में तैरने के दौरान भी भारत का यूरोप व एशिया से संबंध जुड़ा रहा था। वह दुनिया से कभी कटा ही नहीं रहा इस बात की पुष्टि भारत के उन मच्छरों ने की है जो उस वक्त यूरोप और एशिया के मच्छरों से मिलते जुलते थे।
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बॉन यूनिवर्सिटी स्थित श्टाइनमन इंस्टीट्यूट की जीवाश्म विज्ञानी फ्राउके स्टेबनर ने बताया कि भारत में सूरत के पास मौजूद एक कोयला खदान में उन्होंने कुछ एम्बर भी मिले हैं। इस खोज के दौरान 2.4 करोड़ साल पुराने पेड़ के लीसे में कैद एक मिलीमीटर से भी छोटे कई ऐसे मच्छर भी मिले जिनकी पीढ़ियां आज भी जर्मनी के जंगलों में मिलती हैं। सूरत की खदान से मिले मच्छरों के जीवाश्म को उतने ही पुराने चीन और यूरोप के जीवाश्मों से भी मिलाया गया। इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने दावा किया कि भारत कभी भी पूरी दुनिया से अलग-थलग नहीं रहा है। इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया कि तैरते हुए भारत और यूरोप के बीच निश्चित रूप से चीन ने एक पुल का काम किया। 

अधिक दूर तक उड़ने में सक्षम नहीं थे भारत के मच्छर

वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत के एम्बर से मिले कुछ काटने वाले मच्छर संभवतया अधिक दूरी तक उड़ने में सक्षम नहीं थे, इसलिए वह किसी और तरीके से एक महाद्वीप से दूसरे तक पहुंचे हों। 
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तीन करोड़ वर्ष तक समुद्री यात्रा करता रहा था भारत

मच्छर ने बताया, भारत कभी दुनिया से नहीं कटा
भारत की यह समुद्री यात्रा करीब 3 करोड़ साल तक चलती रही। इस यात्रा में भारत ने कई प्रकार की जलवायु का भी सामना किया। इसी कारण भारतीय उपमहाद्वीप में आज भी कई ऐसे जीव-जंतु और पौधे मिलते हैं जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलते हैं।
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