कॉल का इंतजार कर रहीं थी अली शेख की पत्नी
मुठभेड़ में बलिदानी हुए अली शेख की पत्नी ने अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि वह अभी तक इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि उनके पति अब कभी वापस नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि सुबह उन्होंने मैसेज किया था कि वो काम में व्यस्त हैं और कल बात करेंगे। लेकिन दोपहर में खबर आई कि वो घायल हैं। मैंने सोचा कि जल्दी ठीक हो जाएंगे, लेकिन फिर असली खबर आई।
शेख की पत्नी ने आगे बताया कि वह देश के लिए पूरी तरह समर्पित थे और अपने ऑपरेशन से जुड़ी कोई जानकारी घर पर नहीं बताते थे। बलिदानी सैनिक शेख के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। तीन भाइयों में से एक झंटू और उनके बड़े भाई रफीकुर शेख दोनों भारतीय सेना में हैं।
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गांव में शोक की लहर....
आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में बलिदानी हुए सेना के हवलदार शेख के गांव में शोक की लहर है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व भी है। गांव में लोगों ने हवलदार शेख को एक शांत और दयालु व्यक्ति बताया, जो हमेशा वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखा करते थे। गौरतलब है कि सेना अधिकारियों ने बताया कि झंटू शेख 6 पैरा यूनिट के जवान थे और गुरुवार को उधमपुर के डुडू-बसंतगढ़ इलाके में आतंकवादियों की तलाश में चले अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में बलिदानी हो गए।