गुरुवार देर रात तीन भारतीय छात्रों जिशान अशपाक पिंजारी, जिया फिरोज पिंजारी और हर्षल अनंतराव देसाले के पार्थिव शरीर रूस से मुंबई एयरपोर्ट लाए गए।
रूस के वेलिकि नोवगोरोड में स्थित यारोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोड स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले चार भारतीय छात्र 7 जून को वोल्खोव नदी में डूब गए थे। जिसमें चारों की मौत हो गई थी।
वीडियो कॉल पर परिवार वालों ने देखा था बेटे की मौत का मंजर
सभी छात्र महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले थे। जिनमें जिशान और जिया भाई-बहन थे। उनके परिवार वालों ने कहा, "जिशान जब वोल्खोव नदी के पास पहुंचा, तब उसने परिवार को वीडियो कॉल किया। उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य सभी को नदी से दूर जाने के लिए कह रहे थे, तभी एक तेज लहर उठी और सभी उसमें बह गए।"
भारतीय दूतावास ने छात्रों की दी सावधानी बरतने की सलाह
छात्रों के डूबने की घटना के बाद रूस में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसके अनुसार छात्रों से जलाशयों के समीप जाते समय बेहद सावधान रहने को कहा है। इसके अलावा दूतावास ने 2023 और 2022 के पिछले आंकड़ों का भी खुलासा किया और कहा, 2023 में डूबने की दो घटनाएं, जबकि 2022 में छह मामले सामने आए थे। इसलिए दूतावास ने रूस में भारतीय छात्रों से समुद्र तटों, नदियों, झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों में जाते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया।
यूनिवर्सिटी ने जताया था शोक
एरोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोड स्टेट यूनिवर्सिटी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया था। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा, "शाम के समय सभी छात्र नदी के पास टहल रहे थे। यह हादसा अविश्वसनीय है।
रूसी मीडिया ने बताया कि नदी के पास एक छात्रा मुसीबत में फंस गई थी। तीन छात्र उसकी मदद करने गए, लेकिन वे नदी में डूब गए। सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि ये सभी छात्र यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे।