भारतीय नौसेना ने अपने अब तक के सबसे एडवांस्ड मिसाइल विध्वसंक युद्धपोत मोरमुगाओ को मुंबई में लॉन्च किया। मझगांव शिपयार्ड में बनाए गए मोरमुगाओ युद्धपोत में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैनात होगी। इस कैटेगिरी के वॉरशिप दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आते। इस युद्धपोत को नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाया गया है। इस पोत का नाम गोवा के मारमुगाओ पोर्ट के नाम पर रखा गया है। गौरतलब है कि गोवा, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का गृहराज्य है।
#WATCH: The Second Ship of Project- 15B, Guided Missile Destroyer, Mormugao launched today in Mumbai. pic.twitter.com/dKKwdEJjRL
— ANI (@ANI_news) September 17, 2016
क्या खासियत है मोरमुगाओ युद्धपोत की
- मोरमुगाओ इंडियन नेवी के प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाया गया दूसरा युद्धपोत हैं। इस कैटेगिरी का पहला शिप पिछले साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था।
- 4 मॉडर्न वॉरशिप बनाने के लिए 29,700 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
- मोरमुगाओ का वजन 7300 टन है और इसकी लंबाई 163 मीटर है।
- इस वॉरशिप में चार यूक्रेनियन गैस टर्बाइन इंजन लगे हैं, जो इसे 30 नॉट यानि करीब 56 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार देते हैं।
- इस युद्धपोत में 50 अफसर और 250 सेलर तैनात होंगे।
- इन युद्धपोतों को मुंबई के मझगांव शिपयार्ड में बनाया जा रहा है।
- मोरमुगाओ को नौसेना में कमीशंड होने में अभी दो साल लगेंगे।
क्या है मोरमुगाओ की ताकत
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- ये युद्धपोत दुनिया के सबसे आधुनिक उन्नत गाइडेड मिसाइल विध्वंसक है।
- मोरमुगाओ स्टेट ऑफ द ऑर्ट/सेंसर्स, स्टेल्श फीचर और हाई ऑटोमेशन जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस है।
- इससे बराक 8 लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल दागी जा सकती है। बता दें कि एलआर एसएएम तकनीक भारत और इजरायल ने मिलकर ईजाद की है।
- यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे मॉडर्न मिसाइल तकनीक में शुमार किया जाता है। इससे 70 किमी दूर से दुश्मन के एयरक्राफ्ट और सुपरसोनिक मिसाइल की टोह ली जा सकती है।
मोरमुगाओ पर तैनात रहेगी ब्रह्मोस
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मोरमुगाओ में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से भी लैस होगी। ब्रह्मोस से जमीन के अलावा समुद्र में 300 किलोमीटर दूर तक किसी टारगेट पर निशाना साधा जा सकता है। ये दुश्मन के मिसाइल को चकमा देने में भी सक्षम है। इसकी वजह से मिसाइल का स्टील्थ तकनीक बनाया जाना है।
प्रोजेक्ट 15बी के बारे में जानिए
भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी को विशाखापत्तनम क्लास भी कहा जाता है। इसके तहत बनने वाले युद्धपोत में स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक बनाए जाते हैं। इससे पहले के 15ए प्रोजेक्ट को कोलकाता क्लास कहा जाता था। जनवरी 2011 में सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी ने 15बी प्रोजेक्ट के तहत 4 विध्वंसक के लिए मंजूरी दी थी। इसी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले युद्धपोत में एंटीशिप्स ब्रह्मोस, बराक 8 और निर्भय क्रूज मिसाइल को तैनात किया जाएगा।