शहरी क्षेत्रों में आवासीय जरूरतों को पूरी करने के लिए 3.61 सस्ते मकान बनाने को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत निर्माण के लिए 708 प्रस्ताव मंजूर किए गए। केंद्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। नए प्रस्तावों की मंजूरी से शहरी क्षेत्रों में सस्ते आवासीय मकान की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।
शहरी आवास मंत्रालय ने बताया कि महामारी की दूसरी लहर के बाद समिति की यह पहली बैठक थी। इसमें 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मंत्रालय के मुताबिक, योजना के तहत अब तक 1.12 करोड़ मकान बनाने को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 82.5 लाख मकानों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 48.31 लाख तैयार मकानों में से अधिकतर लाभार्थियों को आवंटित भी किए जा चुके हैं।
पीएम आवास योजना पर कुल 7.35 लाख करोड़ का खर्च आएगा। इसमें से केंद्र के हिस्से की 1.81 लाख करोड़ की राशि में से 96,067 करोड़ के फंड जारी हो चुके हैं।
लखनऊ सहित छह शहरों की परियोजना पर जोर
मंत्रालय ने पीएम आवास योजना के तहत लखनऊ, रांची, राजकोट, इंदौर, अगरतला और चेन्नई में इसी साल जनवरी में शुरू हुई लाइट हाउस परियोजना को पूरा करने पर खास जोर दिया है।
इसके अलावा प्रदर्शन आवास परियोजना के तहत पंचकुला (हरियाणा) में भी निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा। योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले निम्न व मध्य आय वर्ग के लोगों को सस्ती कीमत पर मकान दिए जाएंगे, जिसके लिए कम ब्याज वाला कर्ज और 2.7 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी।
भूकंपरोधी होंगे मकान
शहरी क्षेत्रों में मकान बनाने में खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मकान मजबूत होने के साथ सस्ते भी होते हैं। इसे लाइट हाउस परियोजना कहा जाता है, जिसमें कम समय में निर्माण कार्य पूरा करने के साथ लागत की बचत भी होती है और आवासीय जरूरतें भी तय समय में पूरी की जा सकती हैं। इसके तहत बने सभी मकान भकंपरोधी होते हैं।
-दुर्गाशंकर मिश्रा, सचिव, शहरी आवास मंत्रालय