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Karmayogi Saptah: चार लाख से अधिक ने लिया भाग, राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह को मिल रही उत्साहजनक प्रतिक्रिया

Sat, 09 Nov 2024 11:56 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी सप्ताह के उद्घाटन समारोह में भारत का पहला सार्वजनिक मानव संसाधन प्रतिभागिता मॉडल, 'कर्मयोगी प्रतिभागिता मॉडल' लॉन्च किया, जो स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों से प्रेरित है और प्रत्येक कर्मयोगी अधिकारी के लिए आवश्यक 'संकल्प' और 'गुण' को विस्तारित करता है।
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कार्मिक मंत्रालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारत सरकार के राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह या 'कर्मयोगी सप्ताह' ने 4 लाख से अधिक भागीदारों के साथ एक उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त की है। यह आयोजन 19 से 27 अक्तूबर तक चला, जिसमें सरकारी कर्मचारियों ने अपने पेशेवर विकास के लिए कम से कम चार घंटे सीखने में समर्पित किए।

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कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, 'यह केवल पाठ्यक्रम पूरा करने के बारे में नहीं था। यह एक ऐसा आंदोलन था जो विभिन्न विभागों के लोक सेवकों को पेशेवर उत्कृष्टता और व्यक्तिगत विकास की उनकी साझा खोज में करीब लाया। कर्मयोगी सप्ताह के माध्यम से, सरकारी कर्मचारी, सबसे कम उम्र के अधिकारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक आगे बढ़े, बदलती दुनिया के लिए अपने कौशल और मानसिकता को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

प्रभावशाली रहे पहल की सफलता के आंकड़े
इस पहल की सफलता के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं। 45.6 लाख पाठ्यक्रम नामांकन, 32.6 लाख पूर्णता और 38 लाख से अधिक अधिगम घंटे। इस सप्ताह में, 4.3 लाख प्रतिभागियों ने कम से कम चार घंटे सीखने में बिताए, जबकि 37,000 समूह ए अधिकारियों और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पेशेवर विकास को प्राथमिकता दी।
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बयान में कहा गया है, '23,800 से अधिक लोगों ने नई शिक्षा के लिए चार या अधिक घंटे समर्पित किए। संयुक्त सचिव और उच्च पदस्थ अधिकारी भी गहराई से जुड़े हुए थे, जिससे पता चलता है कि सीखने के प्रति प्रतिबद्धता शीर्ष से शुरू होती है।'

पीएम मोदी ने लॉन्च किया कर्मयोगी प्रतिभागिता मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन के उद्घाटन समारोह में भारत का पहला सार्वजनिक मानव संसाधन प्रतिभागिता मॉडल, 'कर्मयोगी प्रतिभागिता मॉडल' लॉन्च किया, जो स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों से प्रेरित है और प्रत्येक कर्मयोगी अधिकारी के लिए आवश्यक 'संकल्प' और 'गुण' को विस्तारित करता है। बयान में कहा गया है कि कर्मयोगी अधिकारी को इसे अपनाना चाहिए और अपने कार्यस्थलों पर लागू करना चाहिए।

वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर अपने विचार साझा किए
इस सप्ताह के दौरान, 'विक्षित भारत 2047 की समीक्षा', 'स्वच्छता ही सेवा 2024' और 'जन भागीदारी' जैसे पाठ्यक्रमों में भाग लिया गया। राष्ट्रीय अधिगम सप्ताह में 'इंडिक डे वेबिनार श्रृंखला' भी शामिल थी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों और सिविलाइजेशनल विकास पर अपने विचार साझा किए।

कर्मचारी सप्ताह की सफलता राष्ट्र के आगे के मार्ग को आकार दे सकती है
मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कर्मयोगी सप्ताह की सफलता इस बात की याद दिलाती है कि निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता न केवल करियर को आकार दे सकती है, बल्कि राष्ट्र के आगे के मार्ग को भी आकार दे सकती है, एक सशक्त पब्लिक सर्वेंट के साथ। यह पहल देश के लिए ज्ञान, सहानुभूति और उत्कृष्टता के साथ सेवा करने के लिए अपने सार्वजनिक सेवकों की निरंतर वृद्धि में निवेश करने की शक्ति का प्रतीक है।

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