भारत में बेघर बच्चों में सूंघे जाने वाले ड्रग्स (इनहेलेंट) का चलन तेजी से बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण बोर्ड (आईएनसीबी) की ताजा रिपोर्ट में के मुताबिक, देश में वयस्कों की तुलना में ऐसे बच्चे-किशोरों की तादाद दोगुनी है। संस्था ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि कम उम्र में ऐसे नशे की आदत बड़े होने पर अन्य अवैध ड्रग्स लेने की ज्यादा आशंकाएं पैदा करती है।
आईएनसीबी के मुताबिक, इनहेलेंट ही ऐसी श्रेणी है, जिसमें बच्चे वयस्कों से आगे मिले हैं। संस्था के 2019 के राष्ट्रीय सर्वे में इनहेलेंट लेने वालों में 1.17 फीसदी बेघर बच्चे और किशोर थे तो वयस्कों की तादाद 0.58 फीसदी थी।