गुरुवार को देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर करीब 2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लगाकर नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। शुक्रवार को सिर्फ 17 घंटे में ही ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगा दी गई। लेकिन ये रिकॉर्ड अगले दिन ही कायम नहीं रह पाया, कोविन एप पर रात 11:59 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को मात्र 85.2 लाख से अधिक कोरोना वैक्सीन की खुराक दी गई।
हालांकि, इस घातक वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आगामी त्योहारी सीजन के साथ, स्वास्थ्य विशेषज्ञों को डर है कि तीन महीने के भीतर तीसरी लहर आ सकती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर उतनी घातक नहीं होगी, जितनी दूसरी लहर थी क्योंकि अभी कोई कोरोना वायरस का कोई नया रूप नहीं देखा गया है।
बंगाल में जनवरी से अब तक 5 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने शनिवार को राज्य में कोविड-19 के खिलाफ पहली डोज देने में पांच करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण करने की उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि राज्य जल्द ही एक दिन में टीकाकरण का 13 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगा।
उन्होंने कहा कि 728 ताजा मामले सामने आने के बाद कोरोनोवायरस की संख्या भी बढ़कर 15,61,014 हो गई। पश्चिम बंगाल में अब 7,967 सक्रिय मामले हैं, जबकि पिछले 24 घंटों में 757 सहित 15,34,406 लोग अब तक इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।
अक्तूबर के मध्य तक 100 करोड़ के पार होगा आंकड़ा
देश में कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वैक्सीनेशन का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अक्तूबर के मध्य तक देश में कोरोना वैक्सीन की सौ करोड़ टीके की खुराक लगाई जा सकती है। इसमें वैक्सीन की पहली और दूसरी दोनों खुराकें शामिल हैं।
कांग्रेस ने टीकाकरण अभियान पर साधा निशाना
देश में अभी तक 24 घंटे के भीतर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को टीका नहीं लगाया गया था। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा ने एक करोड़ से ज्यादा टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन भाजपा ने लक्ष्य पूरा करते हुए यह आंकड़ा ढाई करोड़ तक पहुंचा दिया। हालांकि, कांग्रेस ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में सिर्फ टीकाकरण अभियान को बढ़ाया गया, गैर भाजपा राज्यों पर केंद्र ध्यान नहीं दे रही है।