महाराष्ट्र में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सरकारी कॉलेजों के 7,000 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली। महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कि विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सरकारी कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी मांगों पर सकारात्मक बातचीत के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) के तत्वावधान में प्रदेश के करीबन सात हजार से ज्यादा रेजीडेंट डॉक्टर छात्रावासों की गुणवत्ता और सहायक-एसोसिएट प्रोफेसरों के रिक्त पदों को भरने सहित कई मुद्दों को लेकर सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने आरोप लगाया था कि जब ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट के बारे में आशंकाएं हैं, तो भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।
गिरीश महाजन ने कही यह बात
इस मुद्दे पर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि डॉक्टरों ने सकारात्मक बातचीत के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। हमने इन मुद्दों को युद्धस्तर पर उठाया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों से संबंधित मुद्दे को तुरंत हल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बाबत छात्रावास की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
कल किया था ये दावा
इससे पहले कल पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों से बातचीत में शामिल होने के लिए कहा है और उनसे मामले को आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह किया है। दरअसल, एमएआरडी ने हड़ताल का आह्वान किया है। दावा किया गया है कि सरकारी कॉलेजों में छात्रों को छात्रावासों की खराब गुणवत्ता के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री महाजन ने कहा कि हड़ताली डॉक्टरों की आधी मांग तत्काल मंजूर की जा रही है और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को मरम्मत कार्य के लिए 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हम हर चीज को लेकर सकारात्मक हैं। उन्हें हड़ताल पर जाने से पहले हमसे बात करनी चाहिए थी।
एमएआरडी के अध्यक्ष अविनाश दहिपले ने कहा कि एसोसिएशन को बातचीत के लिए राज्य सरकार से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। रेजिडेंट डॉक्टर सरकारी और नागरिक निकाय द्वारा संचालित अस्पतालों में एक महत्वपूर्ण दल हैं, जहां रोगियों की भारी भीड़ देखी जाती है।