बजट सत्र से पहले संसद कोरोना की गिरफ्त में है। महज चार दिन में लोकसभा और राज्यसभा के 400 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाने के लिए इनके नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। सत्र शुरू होने से पहले हालात पर काबू पाने के लिए राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने कई दिशानिर्देश जारी किए हैं।
कोरोना महामारी के प्रसार के बाद नायडू और बिरला ने ज्यादातर कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था कर दी है। अधिकारियों को भी प्रत्यक्ष उपस्थिति वाली बैठकों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।
लोकसभा सचिवालय सूत्रों के मुताबिक 4 से 8 जनवरी तक जांच के लिए 800 नमूने लिए गए थे। इनमें से 400 से अधिक नमूने की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनमें आधे से अधिक लोकसभा के कर्मचारी हैं। वहीं राज्यसभा के 65 और अन्य सेवाओं के करीब 150 कर्मचारी संक्रमित पाए गए हैं।
संक्षिप्त होगा बजट सत्र का पहला हिस्सा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कारण बजट सत्र का पहला हिस्सा बहुत छोटा रखने की तैयारी थी। अब महामारी को देखते हुए इसके अवधि को और कम किया जा सकता है। आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। संभवत: इसके एक दिन बाद ही सत्र का पहला हिस्सा खत्म हो जाएगा।