- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में पिछले डेढ़ महीने में कम से कम 253 और लोग बिजली गिरने से जान गंवा चुके हैं और 49 घायल हुए हैं जिनमें 90 फीसदी लोग यूपी और बिहार से हैं।
- उत्तर प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 49 लोगों की मौत हुई।
- बिहार के सात जिलों में शनिवार को भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने से 25 लोगों की जान चली गई।
- बिहार में शनिवार को 40 से अधिक घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- शुक्रवार को बिहार के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने से 15 लोग मारे गए।
- बिहार में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से 26 लोगों की मौत हुई।
- मार्च से लेकर 26 जून तक बिहार में 212 लोगों की मौत हुई।
- 26 जून को बिहार में सबसे अधिक 96 लोगों की मौत हुई।
- बिहार में 30 जून को 11 लोगों की मौत हुई।
- बिहार में पिछले एक सप्ताह में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
- उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई।
- मरने वालों में प्रयागराज के 10, पूर्वांचल के 14 लोग शामिल हैं। जबकि नौ लोग घायल हो गए।
यूपी बिहार में ही ज्यादा कहर क्यों
- बिहार में एक जून से दो जुलाई तक 66 फीसदी अधिक बारिश हुई।
- बिहार में 24 जून से एक जुलाई तक 77 फीसदी अधिक वर्षा हुई।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी अवधि में 72 फीसदी अधिक वर्षा हुई।
- 24 जून से एक जुलाई के बीच 79 फीसदी अधिक बारिश हुई।
किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रही बिजली
- मानसून में खरीफ की फसल की बुआई होती है। धान के खेत में पानी ज्यादा होता है और इस वजह से किसानों को एकदम से करंट लग जाता है।
- इस समय बिहार और पूर्वी यूपी में धान की रोपाई काफी ज्यादा होती है क्योंकि जून में मानसून आता है। इस कारण पानी की कमी नहीं होती।
- धान के खेत में खड़ा पानी बिजली को आकर्षित करता है और उसमें काम कर रहे किसान इसका शिकार हो जाते हैं।