कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि निचली अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत में 2,506 न्यायालय परिसरों में ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस केबिन’ स्थापित करने के लिए कोष जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन केबिनों की स्थापना के लिए सितंबर में 5.21 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, वहीं हार्डवेयर, केबल और मॉनिटर समेत अन्य उपकरण खरीदने के लिए अक्तूबर में 28.886 करोड़ रुपये जारी किए गए।
यह कोष उच्चतम न्यायालय की ई-समिति और कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने जारी किया। बता दें कि भारत में 3,288 अदालत परिसर हैं जिनमें हजारों अधीनस्थ अदालतें हैं। इन केबिनों की स्थापना के लिए 2,506 अदालत परिसरों के लिए कोष जारी किया गया है। अधिक अदालत कक्षों वाले बड़े अदालत परिसरों को छोटे परिसरों की तुलना में अधिक केबिन मिलेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि खरीद पूरी हो चुकी है और इन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में कानून मंत्रालय की ओर से जुटाए गए डाटा के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए इस साल 25 मार्च से लागू किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दिन से 28 अक्तूबर तक देश में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय 49.67 लाख से अधिक मामलों की ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई कर चुके हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक’ प्रक्रिया के तहत आठ जून के बाद से प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील देनी शुरू की थी।