महंगे तेल से हो रही परेशानी को लेकर भारत द्वारा पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उसके सहयोगी देशों से की गई अपील उन्होंने अनसुनी कर दी है। भारत ने ओपेक देशों से अपील की थी कि वे कच्चे तेल के उत्पादन पर लागू नियंत्रण हटाकर दाम में कमी लाएं। इन देशों द्वारा अपील अनसुनी करने के बाद विश्व बाजार में कच्चे तेल के दाम और बढ़ गए हैं।
प्रमुख तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने तो भारत को सलाह दी है कि वह पिछले साल जब कच्चे तेल के दाम काफी नीचे चले गए थे उस समय खरीदे गए कच्चे तेल का इस्तेमाल कर सकता है। उधर ब्रेंट कच्चे तेल के दाम शुक्रवार को करीब एक प्रतिशत बढ़कर 67.44 डालर प्रति बैरल हो गए।
यह अपील की थी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ओपेक देशों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक से पहले इन देशों से अपील की थी कि कच्चे तेल के दाम में स्थिरता लाने के लिए वह इसके उत्पादन पर लागू बंदिशों को कम करें। उनका मानना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते कच्चे तेल के दाम से आर्थिक क्षेत्र में आने वाला सुधार और मांग दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
उत्पादन नहीं बढ़ाने पर ओपेक सहमत
ओपेक और उसके सहयोगी देशों, जिन्हें ओपेक प्लस के नाम से जाना जाता है, ने अपनी बैठक में इस बात पर सहमति जताई कि अप्रैल में कच्चे तेल का उत्पादन नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। इन देशों का मानना है कि मांग में और मजबूत सुधार आने देने की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
प्रिंस सलमान ने यह कहा-
ओपेक देशों की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में भारत के आग्रह के बारे में पूछे गए सवाल पर सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलाजीज बिन सलमान ने कहा कि भारत को पिछले साल काफी कम दाम पर खरीदे गए कच्चे तेल के भंडार में से कुछ तेल का इस्तेमाल कर लेना चाहिए।
भारत ने पिछले साल भरा भंडार
भारत ने पिछले साल जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी कम चल रहे थे, तब अपने रणनीतिक भंडारों को भरने के लिए एक करोड़ 67 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद की थी। उस कच्चे तेल का औसत मूल्य 19 डॉलर प्रति बैरल था। प्रधान ने 21 सितंबर 2020 को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी।
बहरहाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं। तेल कंपनियों ने यदि कच्चे तेल के दाम में आई ताजा वृद्धि को भी ग्राहकों पर डाल दिया तो इनकी खुदरा कीमतें और बढ़ जाएंगी।