अमर उजाला डॉट कॉम ने मोरबी नगरपालिका के सीईओ संदीप सिंह झाला को फोन किया। सीईओ से बातचीत के दौरान जब जिम्मेदारी की पूछी गई तो उन्होंने सरकार की ओर से बनाई गई हाई पावर कमेटी का जिक्र करते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया। झाला से दोबारा जब सवाल किया गया कि यह नगर पालिका की लापरवाही के चलते ही तो इतनी बड़ी घटना हुई है। तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर नगरपालिका का बचाव करते हुए कहा कि नगरपालिका की ओर से कोई भी गलती नहीं हुई है। झाला कहते हैं कि इस पूरे मामले में जब हाई पावर कमेटी बना दी गई है तो उसका ही इंतजार होना चाहिए। हालांकि नगर पालिका की ओर से पुल को शुरू करने में जल्दबाजी क्यों दिखाई गई के सवाल पर उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया बल्कि हाई पावर कमेटी की जांच का इंतजार करने की बात कही।
जबकि इस पूरे मामले में मोरबी नगरपालिका के वाइस प्रेसिडेंट जयराजसिंह जडेजा का अलग स्टैंड है। अमर उजाला डॉट कॉम से हुई विशेष बातचीत में जडेजा कहते हैं कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते ही इतनी बड़ी घटना हुई है। उन्होंने पुल की देखरेख करने वाली कंपनी समेत उस फिटनेस सर्टिफिकेट पर भी सवाल उठाए जो जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से जारी किया गया था। जडेजा कहते हैं कि पुल शुरू किया जा रहा है इसकी तो जानकारी उनको भी नहीं थी। उन्होंने कहा की पुल की देखरेख करने वाली कंपनी ने बाकायदा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कराया। वह फिटनेस सर्टिफिकेट मोरबी जिले के कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से जारी किया गया था। जडेजा सवाल उठाते हुए कहते हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही में किसी भी जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी सरकार ने इस पूरे मामले में हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है। जल्द ही कमेटी की ओर से दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मोरबी में पुल हादसे के बाद सरकार ने हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है। जल्द ही इस कमेटी की जांच पूरी हो जाएगी और उसके बाद इस पूरे मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति से जुड़े कृष्ण भाई पटेल कहते हैं कि अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर सिर्फ अपने बचाव के लिए लगा रहे हैं। पटेल ने कहा कि की घटना सिर्फ जिम्मेदार अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के चलते ही हुई है। पटेल के साथ संगठन में कार्य करने वाले स्थानीय वकील अवनींद्र मिस्त्री और जतन कुंधाडिया कहते हैं मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। दोनों ने उम्मीद जताई कि इस मामले में जब तक न्यायिक जांच नहीं होगी तब तक जिम्मेदारों के खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की आड़ में ना जाने कितनों के घर उजड़ गए, कितनी जाने चली गईं। नागरिक संघर्ष समिति से जुड़े कृष्ण भाई पटेल कहते हैं मौतों के जिम्मेदारों के खिलाफ इतनी सख्त सजा मिलनी चाहिए जो कि एक नजीर बन सके।