केरल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसमें अबतक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों की संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया है। भारी बारिश के कारण राज्य की दो नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है, जिस वजह से अधिकारियों ने लोगों को समुद्र या नदियों के पास न जाने की चेतावनी दी है।
केरल में भारी बारिश का कहर
भारतीय मौसम विभाग ने कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सात अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नदियों में जलस्तर बढ़ने से राज्य में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कई जगहों पर पेड़ गिरने की खबरें भी सामने आई है, जिससे कई सारे घर क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है। दक्षिणी कन्नड़ और उडुपी में भी बाढ़ आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बताया कि अबतक हजारों की संख्या में लोगों को 112 राहत शिविरों में पहुंचा गया है। भारी बारिश के कारण अबतक तीन लोगों की मौत हो गई है।
केरल के कन्नूर और कासरगोड जिलों में अचानक बाढ़ आ गई, जिसके बाद केंद्रीय जल आयोग ने कई नदियों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। मध्य और दक्षिणी केरल से होकर बहने वाली पंबा और मणिमाला नदीं भी अपने खतरे के निशान को पार कर गई है। चार जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। राज्य में कल यानी की शनिवार को कम बारिश होने की संभावना है, जिसके बाद रेड और ऑरेंज अलर्ट हटाया दिया जाएगा।
केरल के अलावा गोवा में भी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है, जिसके कारण शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया। गुरुवार की शाम दक्षिणी गोवा के नक्वेरी बेतुल गांव में एक महिला धान की खेत में काम करने के दौरान बाढ़ के पानी में बह गई। वहीं दूसरी महिला ने पेड़ को पकड़कर अपनी जान बजाने में कामयाब रही।