संसद के मानसून सत्र में युवाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं। विपक्ष सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाओं का आकलन करते हुए शिक्षा, परीक्षा प्रणाली और जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रम को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। दूसरी ओर, सरकार भी इन मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति पर काम कर रही है और शिक्षा सुधार के प्रयासों को प्रमुखता से सामने लाना चाहती है।
संसद में इस्तीफा देने के बाद आज धर्मेन्द्र प्रधान मिथिला पगड़ी के साथ पहुंचे तो उनका एनडीए के सांसदों ने खूब स्वागत किया। दूसरी तरफ विपक्ष अभी जंतर-मंतर के मुद्दे को लेकर अड़ा है। वह गृहमंत्री अमित शाह से जंतर-मंतर पर जो हुआ उसका जवाब चाहता है। संसद भवन में विपक्ष ने अपनी गोलबंदी तेज कर दी है। कांग्रेस का आईटी सेल लगातार सोशल मीडिया पर नजर रख रहा है। वह युवाओं की प्रतिक्रिया को लेकर काफी सक्रियता से काम कर रहा है।
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आंध्र प्रदेश से आने वाले कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि संसद भवन में धर्मेंन्द्र प्रधान के स्वागत पर युवाओं की प्रतिक्रिया उनके रुख को दर्शा रही है। सूत्र का कहना है कि युवाओं की सोशल मीडिया पर इसको लेकर प्रतिक्रिया अच्छी नहीं है। कांग्रेस को इस मुद्दे पर युवाओं से जुड़ने का अवसर दिखाई दे रहा है। इसलिए सदन में वह जंतर-मंतर के मुद्दे, शिक्षा में सुधार, परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी।
सरकार को विपक्ष के रवैये का एहसास
सूत्र बताते हैं कि केन्द्र सरकार को पता है कि विपक्ष जंतर-मंतर में युवाओं के प्रदर्शन को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से जवाब चाहता है। केन्द्र ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के नेताओं से युवाओं का हित देखते हुए उनकी मांग को माना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद शिक्षा में सुधार के लिए काफी संवेदनशील है। एनडीए की पहली कोशिश है कि इसका श्रेय लेने से विपक्ष को दूर रखा जाए। मंगलवार को प्रधानमंत्री भाजपा सांसदों और एनडीए के सदस्यों को इस बारे में टिप्स दे सकते हैं। ऐसे में इस सप्ताह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच में संसद भवन में हंगामा और टकराव जारी रहने पूरे आसार हैं।