फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में एक दिन पहले मानसून की दस्तक, अगले दो-तीन दिनों में देशभर में पहुंचने की उम्मीद

Thu, 28 Jun 2018 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
बारिश - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बेसब्री से हो रहे मानसून का इंतजार अब खत्म हुआ। मानसून ने तय समय से एक दिन पहले ही राजधानी में दस्तक दे दी। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के शेष बचे हिस्सों में मानसून अगले दो से तीन दिन में पहुंच सकता है। बृहस्पतिवार को दिल्ली के भीतर सुबह से ही अलग-अलग हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बनाए रखा। वहीं बीते 24 घंटों में दिल्ली के भीतर 020.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। मानसून का स्वागत जहां बच्चों ने सड़कों पर हल्की फुहारों के बीच भीगकर किया। वहीं कुछ लोगों ने बीजरोपण भी किया। 
विज्ञापन


क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक डॉ कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली में 3 जुलाई तक अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। वहीं 30 जून, 1 और 2 जुलाई को गर्जन के साथ तेज बौछार होने की संभावना है। 
 
मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिन में अपने तय समय से पूर्व दस्तक दे सकता है।  दिल्ली में मानसून आने की तारीख 29 जून है। वहीं 15 जुलाई तक मानसून पूरे देश में पहुंच जाता है और मानसून का आखिरी ठिकाना पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर होता है।  
विज्ञापन


बीच में सुस्त व कमजोर पड़े मानसून में सक्रियता

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात के कुछ हिस्सों में सक्रिय हो रहा है। मानसून के लिए उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों में बेहतर स्थितियां बन रही हैं जिसके कारण गुजरात, राजस्थान समेत पूरे देश में अगले दो से तीन दिन में मानसून पहुंच सकता है।   

इस वर्ष तीन दिन पहले 28 जून को ही मानसून केरल पहुंचा था। वहीं महीने के पहले भाग में ही पश्चिमी तटों से भी टकराया। बीच में सुस्त और कमजोर मानसून में अब अच्छी सक्रियता दिखाई दे रही है। दक्षिण पश्चिम मानसून ही देश को 70 फीसदी वर्षा जल मुहैया कराता है। जहां कृषि प्रमुख काम है और जीडीपी में इन हिस्सों की बड़ी भागीदारी है।  

बीच में मानसून पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण सुस्त हो गया था। पूर्वी हवा फिर से चलने लगी है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ भी बन रहा था। बेहतर दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून ने अपने तय समय से पहले ही दस्तक दे दिया है।  - महेश पलावत, मौसम विज्ञानी, स्काईमेट
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें