भारत में इस वक्त जबरदस्त बारिश का कहर जारी है। खासकर उत्तर भारत में तो पिछले दो दिनों से लगातार वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में इस बारिश के चलते लोगों को भारी मुश्किल उठानी पड़ रही है। दरअसल, ऐसा काफी कम ही देखा गया है कि लगभग पूरे देश में दशहरा के बाद भी बारिश का प्रकोप जारी रहे। हालांकि, इस साल मानसून सीजन के बाद भी कुछ एक इलाकों को छोड़कर भारत के अधिकतर हिस्से में या तो बारिश जारी है या भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
इस साल अक्तूबर में इतनी ज्यादा बारिश क्यों हो रही है? देश में इस वक्त मौसमी सिस्टम कैसा बना है? किन-किन राज्यों में बारिश जारी है? और किन के लिए आगे भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है? आइये जानते हैं...
अक्तूबर में क्यों जारी है भारी बारिश?
माना जाता है कि भारत में मानसून सामान्य तौर पर अगस्त तक पूरी तरह छा जाता है। इसके बाद सितंबर मध्य में इसके वापस लौटने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। मानसून के इसी लौटने की प्रक्रिया को मानसून विड्रॉल (निकासी) कहते हैं। राजस्थान से मानसून के लौटने की तारीख पारंपरिक तौर पर 17 सितंबर से मानी जाती है। इस दौरान बारिश खत्म होने के साथ ही नमी में कमी दर्ज की जाती है और देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश का धीरे-धीरे कम होना जारी रहता है। सामान्य तौर पर पूरे भारत में मानसून विड्रॉल 15 अक्तूबर तक पूरा हो जाना चाहिए। यानी इस समय तक पूरे भारत में बारिश का दौर खत्म हो जाता है।
हालांकि, इस बार बारिश अक्तूबर में भी जारी है। देश के कुछ हिस्सों में यही स्थिति पिछली बार भी रही थी। हालांकि, दोनों ही बार वजह समान है- मानसून की देर से निकासी। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल मानसून कई जगहों पर देर से पहुंचा। इसके चलते देश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून सितंबर तक एक्टिव रहा। इसी सक्रियता का असर मानसून के लौटने की प्रक्रिया पर पड़ा है।
हिमाचल से विदा हुआ मानसून
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच जब राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून के लौटने की प्रक्रिया जारी ही थी, ठीक उसी वक्त बंगाल की खाड़ी में कम-दबाव वाला क्षेत्र बन गया, जिसके चलते चक्रवात के पैदा होने की संभावना भी जताई जा रही है। इस स्थिति की वजह से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह लौटने की जगह थम गया। यही वजह है कि राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी गुजरात और मुंबई में अभी भी भारी बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भी मानसून के लौटने की प्रक्रिया में रुकावट आई है और यहां तेज बारिश का दौर जारी है।
देश में इस वक्त मौसमी सिस्टम कैसा बना है?
मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के मुताबिक, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा चक्रवाती परिसंचरण से तेलंगाना, विदर्भ, पश्चिम मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र गुजरात क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा सर्कुलेशन से गुजरात और आसपास के इलाकों से होते हुए राजस्थान और हरियाणा होते हुए पंजाब तक फैली हुई है।
भारत में बारिश जारी।
- फोटो : Amar Ujala
किन-किन राज्यों में कितनी बारिश हुई?
अगर देश को दिशाओं के हिसाब से चार हिस्सों में बांट लिया जाए तो जो डेटा सामने आता है, उसके मुताबिक
उत्तर भारत
मानसूनी बारिशों का असर उत्तर भारत में मंगलवार तक जारी रह सकता है। यानी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू, दिल्ली-एनसीआर और उत्तरी राजस्थान में भी भी 10 से 12 अक्तूबर तक बारिश का यही दौर जारी रह सकता है।
15 अक्तूबर तक कहां-कितनी बारिश की संभावना?
- उत्तर प्रदेश: 110 एमएम
- उत्तराखंड: 70 एमएम
- हिमाचल प्रदेश: 30 एमएम
- दिल्ली एनसीआर: 10 एमएम
- हरियाणा-पंजाब: 10 एमएम
- राजस्थान: 5 एमएम
मानसून
- फोटो : अमर उजाला
मध्य भारत
उत्तर भारत की तरह ही आने वाले हफ्ते में मध्य भारत से भी मानसूनी बारिश की विदाई तय है। इस हफ्ते के अंत तक गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर थम जाएगा। यहां तक कि 15 अक्तूबर से पहले ही मध्य भारत में बारिश का दौर काफी छोटा रहेगा।
15 अक्तूबर तक कहां-कितनी बारिश की संभावाना?
- महाराष्ट्र: 30 एमएम
- छत्तीसगढ़: 20 एमएम
- मध्य प्रदेश: 20 एमएम
- गुजरात: 10 एमएम
मानसून।
- फोटो : Amar Ujala
पूर्व-उत्तर भारत
मानसून ने अक्तूबर की शुरुआत में ही पूर्वी भारत में जबरदस्त कहर बरपाया। हालांकि, अक्तूबर के मध्य तक इस क्षेत्र में भी बारिश में भारी कमी देखी जाएगी। दरअसल, 15 अक्तूबर तक पूर्वी भारत में निचले दबाव वाला क्षेत्र खत्म हो जाएगा। इससे बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। हालांकि, कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश की घटनाएं दिख सकती हैं।
15 अक्तूबर तक कहां-कितनी बारिश की संभावना?
- पूर्वोत्तर भारत: 110 एमएम
- पश्चिम बंगाल: 30 एमएम
- ओडिशा: 20 एमएम
- बिहार: 20 एमएम
- झारखंड: 10 एमएम
दक्षिण भारत
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस हफ्ते तक बारिश जारी रही। यहां तक कि कर्नाटक और केरल में भी 8 अक्तूबर तक बाऱिस का दौर जारी रहा। माना जा रहा है कि दक्षिणी राज्यों को अभी बारिश से उतनी राहत नहीं मिलेगी। दरअसल, आंध्र प्रदेश के पास चक्रवाती तूफान की स्थिति पैदा होने की वजह से यहां भी मानसून की निकासी में देरी आई है। अब अगले हफ्ते भी बारिश तमिलनाडु से लेकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में अपना प्रकोप दिखा सकती है। यह बारिश का दौर ऊपर गोवा तक जारी रह सकता है।
15 अक्तूबर तक कहां-कितनी बारिश की संभावना?
- तमिलनाडु: 110 एमएम
- कर्नाटक: 70 एमएम
- आंध्र प्रदेश: 60 एमएम
- तेलंगाना: 50 एमएम
- केरल: 30 एमएम
- गोवा: 20 एमएम