नर्मदा नदी के बहाव ने मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने के बाद ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इन हालातों की वजह से मध्य प्रदेश और गुजरात में 24 लोगों की मौत हो गई है।
इसके अलावा नदियों में बहाव तेज होने और देश के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस साल अगस्त में बारिश सामान्य से 25 फीसदी ज्यादा पड़ी है। भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि इस बारिश ने पिछले 44 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
इससे पहले अगस्त में इतनी बारिश साल 1983 में पढ़ी थी, जब बारिश सामान्य से 23.8 फीसदी ज्यादा थी। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कम से कम आठ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 9,000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। गुरुवार को बारिश ज्यादा पड़ने के बाद से मध्य प्रदेश के 12 जिलों के 454 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
मध्य प्रदेश में 129 लोगों की मौत
अधिकारियों की माने तो इस मानसून के मौसम में मध्य प्रदेश में अब कर 129 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ओडिशा में 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मध्य प्रदेश में जो जिले बाढ़ प्रभावित हैं, वो हैं होशंगाबाद, रायसेन, भोपाल, सीहोर, विदिषा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सियोनी, काठी, सागर, शिवपुरी और उज्जैन।
इन जिलों से कई लोग को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, इसमें सीहोर जिले के सोमलवाड़ा गांव के 62 लोग हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार सुबह बात की और एनडीआरएफ, सीडीआरएफ, होमगार्ड्स, पुलिस और दूसरे कर्मियों की ओर से किए जा रहे कार्यों में उनकी मदद मांगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वो बाढ़ प्रभावित जगहों की कंट्रोल रूम से निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से खेती पर बहुत बुरा असर पड़ेगा, किसानों को कृषि बीमा और दूसरे राहत स्कीम के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
गुजरात में 175 लोगों की मौत
गुजरात में सरदार सरोवर बांध और मध्य प्रदेश के कई बांधों से पानी छोड़ने के बाद गुजरात के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। गृह मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में अब तक 175 लोग बाढ़ की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से आधे लोगों की मौत अगस्त महीने में हुई है।
ओडिशा में 500 गांव प्रभावित
ओडिशा में बाढ़ से अब तक 500 गांवों के आठ लाख लोग प्रभावित हैं। ओडिशा के विशेष राहत कमिश्नर प्रदीप कुमार का कहना है कि इनमें से 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा चुका है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ में महानदी, मध्य प्रदेश में नर्मदा और वैनगंगा में बहाव तेज है क्योंकि यहां दो दिनों से बारिश पड़ रही है। दक्षिण एशिया नेटवर्क डैम के संयोजक हिमांशू ठक्कर का कहना है कि ये बहुत खतरनाक स्थिति है, बांध के संचालकों को धीरे-धीरे पानी छोड़ना चाहिए था ना कि पहले से ही 100 फीसदी पानी छोड़ना था। इससे नर्मदा, महानदी और गोदावरी काफी प्रभावित हैं।
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एम महापात्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश और केंद्रीय भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश का मुख्य कारण लो प्रेशर था। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि केंद्रीय भारत में और ज्यादा बारिश ना पड़े लेकिन गुजरात में एक दिन और तेज बारिश पड़ सकती है।