मानसून को भारत पहुंचे 70 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान बारिश की मात्रा सामान्य से एक फीसदी कम मापी गई है। फिर भी कई राज्यों में बाढञ की स्थिति बनी हुई है। 9 अगस्त तक देश भर में 530.3 मिमी बारिश हुई, जबकि इस दौरान 533.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
केरल, बिहार, मध्यप्रदेश, असम, कर्नाटक, मेघालय, त्रिपुरा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए है। बीते दो दिनों से हो रही बारिश से इन राज्यों में शुक्रवार तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 27 लोगों की मौत हुई है।
एनडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और तट रक्षकों की 173 टीमें भी बचाव और राहत कार्य में जुटी हैं।महाराष्ट्र में सबसे बुरा हाल सांगली और कोल्हापुर जिले में है। नौसेना की 12 टीमें बृहस्पतिवार रात सांगली पहुंचीं। यह टीमें शुक्रवार से राहत कार्य में जुट गईं।
महाराष्ट्र के पांच पश्चिमी जिलों में बाढ़ में फंसे करीब 2.85 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। संभागीय आयुक्त डॉ. दीपक म्हैसेकर ने बताया कि राज्य सरकार ने 76 करोड़ रुपये बाढ़ पीड़ितों में बांटने के लिए दिए हैं। शहरों में हर पीड़ित परिवार को 15 हजार और गांवों में दस हजार रुपये दिए जाएंगे।