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वाइस एडमिरल वात्सायन बोले: पाकिस्तान को जहाज और पनडुब्बियां दे रहा चीन, हर गतिविधि पर नजर रख रही भारतीय नौसेना

Thu, 20 Nov 2025 03:23 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने कहा कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां और जहाज दे रहा है और नौसेना इस पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि नौसेना अपनी पनडुब्बी-रोधी क्षमता और रक्षा तैयारियों को और मजबूत कर रही है। 
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वाइस एडमिरल संजय वात्सायन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने कहा कि भारतीय नौसेना इस बात से अवगत है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां और जहाज दे रहा है और नौसेना हर गतिविधि की बहुत ध्यान से 'निगरानी' कर रही है, ताकि समुद्री सुरक्षा और देश के हितों की रक्षा की जा सके। 
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राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नौसेना के उप-प्रमुख ने कहा, हमें पता है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां और जहाज दे रहा है। हम हर चीज पर बारीकी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर काम कर रही है, खासकर पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमता पर।

वाइस एडमिरल वात्सायन ने कहा, हमें पूरी जानकारी है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां दे रहा है और जल्द ही उनकी पनडुब्बियों को शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। लेकिन हम भी पूरे क्षेत्र में हर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जो कुछ भी हमें करना है और जिसका मुकाबला करना है, हम उसकी तैयारी कर रहे हैं। हमें यह भी पता है कि पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए हमें कैसी क्षमताओं की जरूरत है।
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वात्सायन ने यह बयान भारतीय नौसेा के 'स्वावलंबन 2025' कार्यक्रम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेस में दिया। यह कार्यक्रम 25-26 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी के मानेकशॉ केंद्र में होगा। इस बार का आयोजन नई तकनीकों, स्वदेशी समाधान और भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति को प्रदर्शित करेगा।

नौसेना के उप-प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना उन तकनीकों और क्षमताओं पर भी नजर रख रही है जो अन्य देश भी दे रहे हैं और इन्हें देखते हुए नौसेना लगातार अपनी तैयारी की समीक्षा करती है और नई चीजों को जोड़ने और खरीदने की योजना बनाती है। चीन की क्षमताओं पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि चीन अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल करने जा रहा है, लेकिन भारतीय नौसेना को भी अगले दो साल में कई नए विमान मिलने वाले हैं।

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उन्होंने कहा, जहां तक चीन की बात है.. उनके पास तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर आने वाला है। लेकिन जैसा मैंने कहा, हमारे कुछ विमान निर्माणाधीन हैं और अगले दो साल में हमें मिल जाएंगे। हमने जरूरी स्वीकृति पहले ही ले ली है और पिछले पांच साल में कई क्षमताएं हासिल की हैं। इसलिए हमें पूरा भरोसा है कि हम वही कर रहे हैं जो जरूरी है। 

एक नवंबर को भी वाइस एडमिरल वात्सायन ने कहा था कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में 'बाहरी ताकतों' की मौजूदगी पर नजर रख रही है। उन्होंने बताया था कि किसी भी समय वहां 40 से 50 जहाज सक्रिय रहते हैं और नौसेना हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। भारतीय नौसेना का 'स्वावलंबन 2025' एक ऐसा मंच है जो नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स, उद्योगों और सशस्त्र बलों को एक साथ लाएगा। नौसेना के उप-प्रमुख के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी स्वावलंबन 2025 में शामिल होंगे।

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