वेटिकन सिटी में रविवार को मदर टेरेसा को संत की उपाधि देने की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन एक महिला ऐसी भी है जो रविवार को भारत में कोलकाता से 400 किलोमीटर दूर एक गांव में अपने घर में दुआ कर रही है।
50 वर्षीय 'मिरेकल वुमन' मोनिका बेसरा मदर टेरेसा को जिंदगी बचाने वाली मानती हैं। मदर टेरेसा के दो चमत्कारों में से एक मोनिका बेसरा भी हैं। दो चमत्कारों के आधार पर ही मदर टेरेसा को संत घोषित किया जा रहा है।
मोनिका बेसरा कहती हैं, 'मदर टेरेसा मेरी भगवान हैं। मैं हमेशा उनसे दुआ करती हूं और वो मेरी दुआ सुनती हैं।' मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में मोनिका ने बताया कि 1998 में मुझे गर्भाशय के कैंसर के बारे में पता चला, मौत मेरा इंतजार कर रही थी। दक्षिण दिनाजपुर जिले के नाकोर गांव की रहने वाली आदिवासी मोनिका का मानना है मदर टेरेसा की तस्वीर की पूजा करने के बाद बीमारी चमत्कारिक ढंग से ठीक हो गई।