एनसीपी नेता नवाब मलिक की जमानत याचिका पर फिर पेंच फंस गया है। 19 जुलाई को स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इससे पहले ईडी ने उनकी जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा है।
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दअरसल, बीते दिनों नवाब मलिक ने विशेष अदालत के समक्ष नियमित जमानत याचिका दायर की थी। गिरफ्तारी के बाद यह उनकी पहली नियमित याचिका है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय से इस पर 15 जुलाई तक जवाब देने को कहा था। हालांकि, ईडी ने इस पर जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है।
फरवरी में गिरफ्तार हुए थे नवाब मलिक
राकांपा नेता नवाब मलिक को फरवरी में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग और आतंक वित्तपोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी ने अपनी चार्टशीट में कहा था कि उसके पास मलिक के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से संबंध होने के पुख्ता सबूत हैं। ईडी ने दाऊद के भांजे अली शाह का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज किया है। अली शाह ने अपने बयान में कहा, उसकी मां हसीना पारकर का दाऊद के साथ वित्तीय लेनदेन होता था। उसने सलीम पटेल का नाम लिया जो उसकी मां का सहयोगी था। पटेल प्याज का व्यापारी था और वह संपत्ति खरीदने-बेचने में उसकी मां के साथ शामिल था।