25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू हो चुकी हैं।
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिन लोगों ने कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन के दौरान हवाई टिकट बुक कराए हैं, उन्हें तत्काल रिफंड (पैसा वापस) दिया जाना चाहिए।
नागर विमानन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि जिन लोगों ने 24 मई तक के टिकट बुक कराए थे, उन्हें क्रेडिट शेल और इंसेंटिव स्कीम के तहत पैसा रिफंड किया जाएगा। एनजीओ प्रवासी लीगल सेल की तरफ से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत ने नौ सितंबर को निदेशालय को रिफंड के मामले में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे।
निदेशालय ने एक पूरक हलफनामा दायर कर कहा कि 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में रिफंड को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था। पहली श्रेणी 24 मई तक यात्रा के लिए लॉकडाउन से पहले एडवांस टिकट बुक कराने वालों की थी। ऐसे टिकट का रिफंड क्रेडिट शेल और इंसेंटिव स्कीम के तहत होगा। दूसरी श्रेणी उन यात्रियों की हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान टिकट बुक किया था। ऐसे लोगों को का पैसा भी जल्द रिफंड किया जाएगा।
तीसरी श्रेणी वैसे यात्रियों की है, जिन्होंने टिकट कभी भी बुक कराया था, लेकिन उन्हें 24 मई के बाद यात्रा करनी थी और अब महामारी के चलते यात्रा रद्द कर दी है। ऐसे यात्रियों का रिफंड सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट प्रावधान के तहत किया जाएगा।