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हाईकोर्ट की लताड़, विजय माल्या की तरह व्यवहार न करें कुरैशी

Wed, 26 Oct 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
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द‌िल्ली उच्च न्यायालय
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हाईकोर्ट ने विवादास्पद मांस निर्यातक मोइन कुरैशी के खिलाफ जारी लुक आउट नोटिस पर रोक लगा दी है। अदालत ने कुरैशी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार करते हुए उसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आप शराब व्यवसायी विजय माल्या की तरह व्यवहार मत करो, पहले पेश हो।
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न्यायमूर्ति एके पाठक ने याची के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे अंतरिम जमानत के अलावा ईडी को कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने उसे 22 नवंबर को ईडी के समक्ष पेश होने को कहा है। आरोपी कुरैशी लुक आउट नोटिस के बावजूद विदेश जाने में कामयाब हो गया था। वर्तमान में वह दुबई में है। अदालत ने कहा कि फै शन बन गया है कि मामला दर्ज होते ही देश छोड़ दो, फिर राहत मांगो। अदालत ने कहा कि विजय माल्या ने भी ऐसा किया और भारत आना नहीं चाहता, आप का भी रवैया वैसा ही है।

न्यायमूर्ति पाठक ने कहा कि वे याची को किसी भी प्रकार की राहत प्रदान करने के इच्छुक नहीं हैं। फिलहाल ईडी द्वारा लुक आउट नोटिस पर 16 नवंबर तक रोक लगाते हैं। लेकिन ईडी को किसी भी ठोस कार्रवाई करने पर रोक नहीं लगा रहे। अदालत ने कहा कि आप ईडी के समक्ष पेश हों, गिरफ्तारी होगी या नहीं यह ईडी ही तय करेगी। यदि ईडी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो आप अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर कर सकते है।
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कुरैशी की ओर से उसकी बेटी ने याचिका दायर की थी। उनकी ओर से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि ईडी ने तय कानून का उल्लंघन कर मामला दर्ज किया है ऐेसे में उसे खारिज किया जाना चाहिए। अदालत ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जांच की आरंभिक स्थिति में कैसे प्राथमिकी को खारिज किया जा सकता है।
अदालत ने फिलहाल याचिका के आधार पर गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, ईडी और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) को नोटिस जारी कर इस मामले में चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कुरैशी के खिलाफ पिछले वर्ष प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।
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