गुजरात के अहमदाबाद में व्याख्यान देते हुए भागवत ने कहा कि जो राजनीतिक दल सत्ता में नहीं हैं, वे भी आंदोलन कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भौतिक सुख में कई गुना बढ़ोतरी के बावजूद समाज में हर कोई नाखुश है और लगातार आंदोलन कर रहा है।
भागवत ने कहा कि ऐशो-आराम में बढ़ोतरी के बावजूद हर कोई नाखुश है और आंदोलन कर रहा है। चाहे वह मालिक हो या नौकर, विपक्षी दल हो या आम आदमी, छात्र हो या शिक्षक, हर कोई नाखुश और असंतुष्ट है।
संघ प्रमुख 'वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत की भूमिका' विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत को धर्म (ज्ञान) देना है, ताकि ज्ञान फैले लेकिन मनुष्य रोबोट न बने। हमने हमेशा वैश्विक परिवार की बात की है न कि वैश्विक बाजार की।