राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पूरी दुनिया में सनातन जीवनशैली का प्रचार किया जा सके, भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में विकसित होना है। हम धर्मांतरण में विश्वास नहीं करते हैं। हमारे विचार खुले हैं। राष्ट्र एक बार आक्रमणों से टूट गया था, हम एकता और देश प्रेम में विस्वास करते हैं। यह देश अभी भी एकता और सहानुभूति के दर्शन में विश्वास करता है। वे शनिवार को त्रिपुरा के गोमती जिले के अमरपुर में नवनिर्मित शांतिकाली मंदिर के उद्घाटन के अवसर संकल्प सभा को संबोधित कर रहे थे।
भागवत ने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसे सनातन जीवनशैली के संबंध में पूरी दुनिया के सामने उदाहरण स्थापित करने के लिए विकसित होना है। हम एकता और प्रेम में विश्वास करते हैं। संस्कृति, भाषा और पोशाक के मामले में मतभेद होने पर भी हम अंतर नहीं करते हैं। भारत ने असहाय और जरूरतमंदों के साथ खड़े होने की एक मिसाल कायम की है।
उद्घाटन समारोह में मंदिर के मुख्य महाराज चित्तरंजन महाराज, केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक, त्रिपुरा के उप मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा, कृषि मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय और भाजपा के अन्य नेता उपस्थित रहे।