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आरएसएस भीड़ हिंसा के खिलाफ, स्वयंसेवक शामिल हुआ तो निकाल बाहर करेंगे : भागवत

Wed, 25 Sep 2019 05:54 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि संघ मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) ही नहीं सब तरह की हिंसा के खिलाफ है और अगर कोई स्वयंसेवक लिंचिंग में दोषी पाया जाता है तो उसे निकाल बाहर किया जाएगा। ‘आरएसएस को जानो’ (Know The RSS) कार्यक्रम में सरसंघचालक ने करीब ढाई घंटे तक विदेशी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस दौरान कश्मीर, हिंदू राष्ट्र, हिंदुत्व, मॉब लिंचिंग और एनआरसी पर खुल कर संघ का दृष्टिकोण रखा।

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भागवत ने इस दौरान भारत को मूलत: हिंदू राष्ट्र बताया और भीड़ हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को भी इसे रोकने में सहयोग करना चाहिए। इस दौरान अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, चीन, इटली, नेपाल समेत 30 देशों के करीब 50 पत्रकारों ने संघ प्रमुख से तीन दर्जन सवाल पूछे। कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी, सर कार्यवाह मनमोहन वैद्य, डॉ. कृष्ण गोपाल, उत्तर क्षेत्र संघचालक बजरंग लाल गुप्त, दिल्ली प्रांत संघ चालक कुलभूषण आहूजा मौजूद थे।

'अब देश से कश्मीरियों की दूरियां कम होंगी'

अनुच्छेद 370 को खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए भागवत ने कहा कि अब कश्मीरियों की देश से दूरी कम होगी। पहले कश्मीरियों को अलग-थलग करने की कोशिश हुई। भागवत ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भी भारत का अंग है। इससे संबंधित प्रस्ताव कई बार संसद में पारित हुआ है। इस फैसले से कश्मीरियों को अपनी नौकरी-जमीन खोने का डर नहीं होना चाहिए। कश्मीर के लोग देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। सही अर्थों में विकास में भागीदार बनेंगे।

'एनआरसी निकालने नहीं, चिह्नित करने का जरिया'

भागवत ने कहा, एनआरसी विदेशियों को खदेड़ने के लिए नहीं बल्कि चिह्नित करने के लिए है। चाहे हिंदू हो या मुसलमान किसी को निकाला नहीं जाएगा। सभी देश अपने यहां विदेशियों को चिह्नित करते हैं, भारत में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है। इस आशय की पहल तो प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय भी हुई थी।

'राम मंदिर सिर्फ पूजा पाठ नहीं, संस्कृति से जुड़ा'

भागवत ने विदेशी मीडिया को बताया कि राम मंदिर सिर्फ किसी धर्म विशेष या पूजा पाठ से जुड़ा मामला नहीं है। भगवान राम इस देश की संस्कृति के प्रतीक हैं। उनका अयोध्या में जन्म हुआ। उनके जन्मस्थान पर मंदिर बनाया जाना जरूरी है।

इन मुद्दों पर भी बोले भागवत

  • समलैंगिता को समाज में जगह मिलनी चाहिए, इसे असामान्यता के रूप में देखना गलत
  • चीन हमारा दुश्मन नहीं, हम चाहते हैं बिना वीजा आ जा सकें लेकिन इसके लिए विश्वास पैदा करना होगा
  • समान नागरिक संहिता पर देश में आम सहमति की जरूरत है, संघ इसका समर्थक
  • भारत मूलत: हिंदू राष्ट्र, दुनिया में हिंदुओं के लिए भारत के अलावा कहीं और जगह नहीं
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