फॉर्च्यूनर कार में बैठे पुतिन और PM मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान एक दिलचस्प दृश्य ने सबका ध्यान खींचा। गुरुवार को पालम एयरपोर्ट से पीएम आवास तक की हाई-सिक्योरिटी ड्राइव में दोनों नेता जिस कार में साथ बैठे दिखे, वह कोई अल्ट्रा-आर्मर्ड एसयूवी नहीं, बल्कि एक सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर थी। यही बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है कि आखिर वीआईपी मूवमेंट के दौरान आर्मर्ड रेंज रोवर या बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों की जगह फॉर्च्यूनर क्यों इस्तेमाल की गई?
आखिर सफेद फॉर्च्यूनर ही क्यों?
यह इसलिए क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर को वीआईपी मूवमेंट के दौरान सबसे सुरक्षित और कम–प्रोफाइल विकल्प मानती हैं। सफेद फॉर्च्यूनर सरकारी बेड़ों में सबसे आम मॉडल है, इसलिए यह किसी भी कॉन्वॉय में आसानी से घुल-मिल जाती है और किसी खास वीवीआईपी वाहन जैसा ध्यान आकर्षित नहीं करती। इसकी मजबूत बॉडी, बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और स्थिरता हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट में बेहद उपयोगी मानी जाती है। यही वजह है कि भारी सुरक्षा के बीच भी यह एक सामान्य सरकारी गाड़ी की तरह दिखती है और लो-प्रोफाइल सिक्योरिटी पैटर्न बनाए रखती है।
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कौन-सी थी यह फॉर्च्यूनर?
उपलब्ध रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड के मुताबिक पीएम मोदी और पुतिन की यात्रा के दौरान इस्तेमाल की गई गाड़ी टोयोटा फॉर्च्यूनर Sigma 4 MT (BS-VI Diesel) थी। यह फॉर्च्यून 24 अप्रैल 2024 को रजिस्टर्ड हुई थी और वर्तमान में इसकी उम्र 1 साल 7 महीने है। गाड़ी की फिटनेस वैधता अप्रैल 2039 तक और PUCC वैधता जून 2026 तक दर्ज है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर MH01EN5795 है, जो बताता है कि यह महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड वाहन है। ऐसी फॉर्च्यून कारें हाल ही में अपडेट किए गए वीआईपी सपोर्ट फ्लीट का हिस्सा होती हैं और इन्हें उच्च सुरक्षा, फिटनेस और संचालन मानकों के अनुसार नियमित रूप से मेंटेन किया जाता है।
मोदी-पुतिन का दोस्ताना अंदाज
प्रधानमंत्री मोदी खुद पुतिन का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे और उनके साथ फॉर्च्यूनर में सफर कर भारत-रूस रिश्तों की गर्माहट का संदेश दिया। तीन महीने में यह दूसरी बात है जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने कार साझा की है।