एक साथ रावना हुए पीएम मोदी और पुतिन
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भारत मंडपम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की एक तस्वीर ने खास ध्यान खींचा। द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद मोदी और पुतिन एक ही कार में बैठकर भारत मंडपम में आयोजित प्रदर्शनी के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं को एक साथ कार में जाते देखा गया। यह मुलाकात 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुई। दोनों नेताओं की इस अनौपचारिक नजर आई यात्रा को भारत और रूस के बीच करीबी रिश्तों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी-पुतिन एक ही कार में क्यों हुए रवाना?
दोनों भारत मंडपम में प्रदर्शनी स्थल की ओर जा रहे थे। यह कदम इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि आम तौर पर बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में राष्ट्राध्यक्षों के आने-जाने के लिए अलग-अलग वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद दोनों नेताओं का साथ कार में जाना उनकी व्यक्तिगत गर्मजोशी और आपसी सहजता को जरूर दिखाता है।
दोनों नेताओं की मुलाकात में क्या हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन ने भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद वे प्रदर्शनी के लिए साथ रवाना हुए। भारत मंडपम में शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम का नेताओं का सत्र भी आयोजित होना है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन शाम पांच बजे ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करने वाले हैं। यह कार्यक्रम 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले हो रहा है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में क्या बोले पुतिन?
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे को खुली चुनौती दी। जी-7 समूह पर तीखा प्रहार किया। पुतिन ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि पश्चिमी देश निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा करने से बुरी तरह डरते हैं और इसी वजह से रूस पर मनमाने और गलत प्रतिबंध थोपे गए हैं। हालांकि इन प्रतिबंधों के बावजूद रूस न केवल आगे बढ़ा है, बल्कि ब्रिक्स देश आपसी सहयोग और मजबूत रिश्तों के दम पर वैश्विक चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।