भारत-चीन के बिना एशिया का उदय असंभव
अखबार का कहना है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद यदि शांतिपूर्ण ढंग से निपटा लिया जाए तो यह दुनिया के सामने एक मिसाल बन जाएगा। इससे दुनिया को संदेश मिलेगा कि कैसे दो ताकतें एक साथ आ सकती हैं। अखबार का कहना है कि यदि चीन और भारत के संबंध अच्छे नहीं रहते तो इससे एशिया का उदय असंभव है। अखबार ने लिखा, 'यदि दोनों देश द्विपक्षीय मुद्दों पर तार्किक ढंग से विचार नहीं करते हैं तो एशिया से बाहर की ताकतें इसका फायदा उठाएंगी।'
कश्मीर मुद्दे पर हो सकती है बात
मोदी और जिनपिंग की मुलाकात में कश्मीर मसले का जिक्र होगा या नहीं यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। दोनों देशों के कश्मीर को लेकर विचार अलग हैं। इस मुद्दे पर बैठक के दौरान चर्चा गतिरोध पैदा कर सकता है। दोनों पक्ष इस बात का फैसला करेंगे कि वह इस मुद्दे को छोड़ना चाहते हैं या इसपर नरमी से अपना पक्ष रखेंगे। हालांकि बैठक में व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होना तय है। चीन भारत को अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध में अपने साथ लाना चाहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी उत्पादों के टैरिफ को बढ़ा दिया है जिसका चीनी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।