उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व क्षमता को ‘बेजोड़’ बताते हुए कहा कि मोदी ही भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, भले ही सत्तारूढ़ राजग लोकसभा चुनावों में बहुमत से कुछ दूर रह जाये। मौर्य ने दावा किया कि भाजपा 2014 के मुकाबले इस बार अपना प्रदर्शन सुधारते हुए 400 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी का।
मौर्य ने हाल में अपनी पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान ‘पीटीआई’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘2014 में हमने 282 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन 2019 में भाजपा अकेले ही 300 के आंकड़े को पार करेगी। हमारे राजग के सहयोगियों को मिलाकर हम मोदी के नेतृत्व में 400 के आंकड़े को पार करेंगे।’’
जब उनसे पूछा गया कि यदि मोदी राजग को जीत दिलाने में विफल रहे तो क्या भाजपा उनके लिए मैदान में उतरेगी तो उन्होंने कहा ,‘‘भाजपा को बहुमत नहीं मिलेगा यह एक कल्पना है। जो लोग ममता बनर्जी की तरह खुद को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वे केवल यह सपना देख सकते हैं कि मोदी को बहुमत नहीं मिलेगा। जबकि तथ्य यह है कि मोदी जी को भारी बहुमत के साथ फिर से प्रधानमंत्री चुना जाएगा।’’
भाजपा के पास प्रधानमंत्री पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार के सवाल पर मौर्य ने कहा कि, ‘‘लोग मोदी जी पर भरोसा करते हैं। वह एक नए युग के संस्थापक हैं। उनका नेतृत्व बेजोड़ है।’’ मौर्य ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब यह अटकलें तेज हैं कि आरएसएस के करीबी माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राजग को बहुमत न मिलने पर मोदी की जगह ले सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो लगभग सभी दलों की पसंद गडकरी छोटे दलों और उन क्षेत्रीय नेताओं का समर्थन जुटाने में सफल रहेंगे जो वर्तमान प्रधानमंत्री का समर्थन नहीं करना चाहते हैं।
राम मंदिर मुद्दे पर मौर्य ने केंद्र द्वारा मंदिर निर्माण में आने वाली सभी ‘‘बाधाओं को दूर’’ करने का आश्वासन दिया और कहा कि बाबर के नाम के ईंटों को राम जन्मभूमि पर अनुमति नहीं दी जाएगी।
विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल के आसपास अधिग्रहित अविवादित भूमि को उनके मूल मालिकों को लौटाने के लिए केन्द्र द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर की गई अर्जी पर मौर्य ने कहा कि, ‘‘हमें उम्मीद हैं कि निर्णय हमारे पक्ष में आएगा। लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो कई अन्य कानूनी विकल्प भी हैं। लेकिन राम मंदिर वहीं बनेगा। मंदिर का निर्माण आस्था से जुड़ा है। यह भाजपा के लिए राजनीति नहीं है।’’
कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी के रूप में प्रियंका गांधी वाड्रा की नियुक्ति पर मौर्य ने कहा कि इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही विपक्षी पार्टी राज्य में अपना खाता खोल पाएगी।
मौर्य ने कहा कि वैचारिक रूप से बेमेल सपा और बसपा ने मोदी के ‘डर’ से उत्तर प्रदेश में गठबंधन बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत हासिल करेंगे। जिन लोगों ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन बनाया है, वे वास्तव में भय के मनोविकार से पीड़ित हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इस गठबंधन का कोई जनाधार नहीं है। लोग मोदी जी के साथ है।’’
उनसे पूछा गया कि यदि सपा-बसपा गठबंधन के पास जनाधार नहीं है तो भाजपा पिछले वर्ष मार्च में फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में क्यों हार गई? इस पर मौर्य ने कहा कि यह एक 'दुःस्वप्न' था जो अब टूट गया है। इस बार तो वे अपना खाता भी नहीं खोल सकेंगे।