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'अब शिक्षा में क्रांति का समय': राहुल गांधी ने ऐसा क्यों कहा, सरकार और शिक्षा मंत्री पर क्या लगाए आरोप?

Mon, 13 Jul 2026 03:48 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को 'बेईमान वसूली का तंत्र' बताया और आरोप लगाया पेपर लीक, भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी ने छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं और अब शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए क्रांति का समय है। पढ़िए रिपोर्ट-
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राहुल गांधी, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स//यूट्यूब/राहुल गांधी
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था अब 'बेईमान वसूली का तंत्र' बन गई है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने का समय आ गया है। राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत छात्रों से अपने दूसरे संवाद से पहले यह बात कही। 
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा कि दोनों ने जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है।

सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने लिखा, 'भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमानी- ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सच यही है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।'
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कांग्रेस नेता ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आगे कहा, 'जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज, तनाव और निराशा में धकेल रही है।' कांग्रेस नेता ने कहा, 'इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफिया को जन्म दिया, जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।'

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कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'यहां दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों को ठेके और तरक्की मिलती है। लेकिन सजा किसे मिलती है? उन छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।' उन्होंने कहा, मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। लेकिन उन्होंने चुप्पी चुनी है। जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा है। अब बहुत हुआ। अब शिक्षा में क्रांति का वक्त है।  राहुल गांधी ने छात्रों से अपील की कि वे 17 जुलाई को देहरादून में उनसे जुड़ें और 'छात्रों की गूंज' अभियान को और मजबूत बनाएं।  

कोटा की रैली में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
  • राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज' की पहली रैली को संबोधित किया था। वह आगे भी दूसरे शहरों में ऐसी रैलियों को संबोधित करेंगे।
  • कोटा की रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि भारत की शिक्षा व्यवस्था चयन की व्यवस्था नहीं, बल्कि अस्वीकृति की व्यवस्था बन गई है।
  • उन्होंने आरोप लगाया था कि यह छात्रों और मध्यम वर्ग के परिवारों पर जरूरत से ज्यादा आर्थिक बोझ और तनाव डालती है। 
  • उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था बहुत अधिक तनावपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
  • राहुल गांधी ने कहा था, भारत की शिक्षा व्यवस्था एक वसूली की मशीन बन गई है। हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जो आपको बड़े सपने देखने का अवसर दे।  
  • उन्होंने यह भी कहा था कि देश के युवाओं को बहुत अधिक दुख, तनाव और निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
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पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि भारत की शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर दबाव डालती है, उन्हें तनाव देती है और उनका मनोबल तोड़ देती है।
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