भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा जम्मू-कश्मीर में शांति प्रयासों के बाबत काफी सक्रिय हैं। यशवंत सिन्हा चाहते हैं कि केन्द्र और राज्य सरकार वहां इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत को वरीयता देते हुए अपने वादे पर अमल करे, लेकिन केन्द्र सरकार किसी भी तरह की ढिलाई के पक्ष में नहीं है। कश्मीर में अलगाववादियों, उग्रवादियों और पाकिस्तानी मंसूबों को करारा जवाब देने के लिए खुफिया, सुरक्षा एजेंसियां तथा केन्द्र सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है।
केन्द्रीय गृहमंत्रालय के प्रवक्ता केएस धतवालिया का कहना है कि कश्मीर में जो हो रहा है, वह सबको पता है। केन्द्र सरकार, राज्यसरकार के साथ मिलकर हालात पर लगातार नजर बनाए है। केन्द्रीय गृहमंत्रालय इसको लेकर काफी संवेदनशील है।
इस बारे में मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि घाटी में देश विरोधी ताकतें न केवल लोगों को गुमराह कर रही हैं बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों की मदद से सरकार को नीचा दिखाना चाहती हैं। इसी मकसद से नियंत्रण रेखा पर जवानों पर हमले के साथ-साथ बर्बर सलूक भी किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी साजिश को विफल करने में सक्षम हैं। रहा सवाल कश्मीर समस्या के समाधान पर वार्ता करने का तो जब तक घाटी में हिंसा की स्थितियां बनी रहेंगी, वहां के अलगाववादियों के साथ सरकार किसी तरह की मुरव्वत के पक्ष में नहीं है।