केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा, 'इस आपदा के समय मोदी सरकार हर वर्ग के प्रति चिंतित है। रेहड़ी-पटरी पर स्वरोजगार कर अपना जीवनयापन करने वाले लोगों को 5000 करोड़ की मदद देने का निर्णय लिया गया है।मोदी सरकार की इस मदद से लगभग 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिलेगा। इस वैश्विक महामारी के कारण किराये पर रहने वाले अनेकों प्रवासी श्रमिकों के सामने भी कई तरह की समस्याएं आई हैं। इसके लिए मोदी सरकार पीएमएवाई के अंतर्गत एक योजना शुरू कर इन प्रवासी मजदूरों व शहर में रहने वाले गरीब बेघर लोगों को सस्ते किराये पर आवास उपलब्ध कराएगी।'
शाह ने कहा, 'कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र को चरितार्थ करते हुए केंद्र सरकार ने देश के गरीबों, किसानों, मजदूरों व मध्यम वर्ग के जीवन को सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है।अपने परिश्रम से देश का पेट भरने वाले किसानों की मदद के लिए मोदी सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है। इनमें 3 करोड़ किसानों को 4 लाख 22 हजार करोड़ का ऋण उपलब्ध कराना और 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना, आदि शामिल है। यह सब किसानों के हितों के प्रति मोदी सरकार की संवेदनशीलता और कटिबद्धता को दर्शाता है। 86,600 करोड़ का 63 लाख कृषि ऋण, नाबार्ड द्वारा 29,500 करोड़ की रिफाइनेंसिंग स्कीम और राज्यों को किसानों की मदद के लिए 6700 करोड़ देना, ये निर्णय कृषि क्षेत्र को निश्चित तौर पर बल प्रदान करेंगे।
कृषि क्षेत्र में नाबार्ड द्वारा अतिरिक्त 30,000 करोड़ की रिफाइनेंसिंग का निर्णय लिया गया है। इससे 3 करोड़ से ज्यादा छोटे और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचेगा।साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के मध्यम से 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ की मदद देने के निर्णय से भी उनका जीवन स्तर खुशहाल बनेगा। कोरोना के कारण बेरोजगार हुए लोगों के लिए अब रोजगार के अवसर पैदा करने की आवश्यकता है। सीएएमपीए फंड के माध्यम से सरकार 6000 करोड़ रुपये देगी। इसकी मदद से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण और वन संरक्षण पर काम होगा। यह योजना शहरी, ग्रामीण व आदिवासी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।
अमित शाह ने कहा, '6 लाख से 18 लाख प्रति वर्ष कमाने वाले मध्यम वर्ग को सीएलएसएस का विस्तार कर आवासीय क्षेत्र में 70000 करोड़ की मदद देने का निर्णय निश्चित रूप से एक बड़ा सकरात्मक बदलाव लाएगा। इस निर्णय से 2.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ मिलने के साथ-साथ बड़ी मात्रा में रोजगार भी उत्पन्न होगा।