केन्द्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मौजूदा समय में लोकपाल की नियुक्ति करना संभव नहीं है। दरअसल, शीर्ष न्यायालय लोकपाल मामले की नियुक्ति को लेकर एक एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर सुनवाई पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि वर्तमान समय में लोकसभा में विपक्ष का नेता कोई नहीं है। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मानने से इनकार कर दिया है। ऐसी स्थिति में लोकपाल की नियुक्ति संभव नहीं है। हालांकि रोहतगी ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में बजट सरकार की प्रथामिकता थी, लोकपाल बिल संभवत : मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील शांति भूषण सरकार के इस तर्क से असहमत थे।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत तैयार किए गए संशोधित नियमों के अनुसार लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में एनजीओ ने याचिका डाली थी। हालांकि कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
Central Government told Supreme Court that in the current scenario, the appointment of Lokpal is impossible
— ANI (@ANI_news) March 28, 2017