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मोदी सरकार मजबूत करेगी राज्यमंत्रियों के हाथ

Fri, 15 Jul 2016 01:14 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला नई दिल्ली
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केंद्रीय राज्य मंत्रियों का काम तो बढ़ेगा ही साथ ही ‌उनकी जिम्मेदारी भी सुनिश्चित हो सकेगी - फोटो : Agency
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नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने राज्यमंत्रियों की सत्ता में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है. इसके तहत सरकार ने सभी मंत्रालयों को ये आदेश दिया है कि सभी मसले पहले राज्यमंत्रियों से होते हुए ही कैबिनेट मंत्रियों के पास जाया करेंगे। ऐसा करने से राज्यमंत्री अपने मंत्रालय में होने वाले सभी काम काज औऱ निर्णयों में शामिल रहने के साथ साथ जिम्मेदार भी रहेंगे।
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मोदी सरकार ने सालों से चले आ रहे ट्रेंड में बदलाव करते हुए ये फैसला किया है कि उनके सभी 36 राज्य मंत्री जिनमें स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री शामिल नहीं हैं। अपने संबंधित मंत्रालयों के हर फैसले में सक्रिय रुप से शामिल रहेंगे। अब राज्य मंत्रियों को संसद में और ज्यादा सवालों के जवाब देने और संसद की कार्यवाही में तेजी दिखानी होगी। साथ ही पूछे जाने वाले प्रश्नों को लेकर अपने उचित रूख और उनकी योजनाओं के बारे में भी बताना होगा।

पहले ही सरकारों ने अपने चुन गए केंद्रीय राज्य मंत्रियों को उतना महत्व नहीं दिया जाता था और उनकी संसद में प्रतिभागिता एकदम नगण्य जैसी होती थी। पर नई परंपरा के चलते केंद्रीय राज्य मंत्रियों का काम तो बढ़ेगा ही साथ ही ‌उनकी जिम्मेदारी भी सुनिश्चित हो सकेगी।
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पूर्व की सरकारों के कामकाज के तरीकों के उलट प्रधानमंत्री मोदी अपने कैबिनेट के सभी साथियों से नियमित रुप से मिलते रहते हैं। पिछले हफ्ते हुए कैबिनेट के विस्तार के बाद अपने पिछले दो साल के अनुभव के आधार पर अब उन्होंने ये फैसला किया है जिसमें राज्यमंत्रियों को भी जिम्मेदार बनाया गया है।
 
इस फैसले को एक बड़ी राजनैतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है औऱ ये कहा जा रहा है कि ऐसा करके वो अपने प्रत्येक कैबिनेट साथी के नेतृत्व क्षमता को उभारने की कोशिश में हैं।  इससे पहले की सरकारों में राज्य मंत्रियों के पास अपने  मंत्रालयों का कोई भी काम स्पष्ट तरीके से नहीं हुआ करता था और सारे फैसले कैबिनेट मंत्री के स्तर पर ही हो जाया करते थे. राज्यमंत्रियों के जिम्मे संसद में कुछ सवालों के जवाब देना, जनता को भरोसा देना, आधिकारिक भाषाओं और नार्थईस्ट से जुड़े मामले के निपटारे ही शामिल रहा करते थे।
 
मोदी सरकार का ये फैसला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्यों कि इसके जरिए सरकार अपनी विकास योजनाओं औऱ चुनाव में जनता से किए हुए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर सके।  
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