सीबीआई और ईडी के प्रमुखों के कार्यकाल बढ़ाने वाले अध्यादेश को लेकर लोकसभा में बुधवार (एक दिसंबर) को पूछे गए सवालों पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया। केंद्र सरकार ने कहा कि कार्यकाल बढ़ाने वाले इस अध्यादेश से ब्यूरोक्रेसी में नेपोटिज्म नहीं बढ़ेगा। साथ ही, सरकारी अधिकारियों की नौकरी के दौरान विषमता भी नहीं आएगी।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दिया जवाब
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा में कहा गया कि ईडी, सीबीआई और एनआईए जैसी संस्थाओं में इस तरह का अध्यादेश लाने से ब्यूरोक्रेसी में नेपोटिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसाी नहीं होगा। इसके अलावा इस अध्यादेश की वजह से सरकारी अधिकारियों की सेवाओं की स्थिति में भी असमानता नहीं आएगी।
सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने पर कही यह बात
इस दौरान सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से 63 या 65 साल करने पर आम सहमति होने की बात कही गई। इस पर भी जितेंद्र सिंह ने साफ इनकार कर दिया। बता दें कि केंद्र सरकार ने सीबीआई और ईडी प्रमुखों का कार्यकाल दो साल से बढ़ाकर पांच साल करने का अध्यादेश पिछले महीने पास किया था।
केंद्रीय मंत्री ने दी यह जानकारी
जितेंद्र सिंह ने कहा कि दो अहम सरकारी संस्थाओं और उनकी निगरानी वाले संवेदनशील मामलों में स्थायित्व व निरंतरता बढ़ाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। इसके लिए दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 1946 और सेंट्रल विजिलेंस कमिशन एक्ट 2003 में प्रावधान दिए गए हैं।