नरेंद्र मोदी सरकार नई दिल्ली के ऐतिहासिक राजपथ के इलाके को दोबारा विकसित करने जा रही है। एडविन लुटियंस ने राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक को डिजायन किया था। अब चार स्कवॉयर किलोमीटर के दायरे वाले इस क्षेत्र में मौजूद इमारतों को लेकर नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इस योजना के तहत मोदी सरकार के सभी मंत्रालय एक ही छत के नीचे दिखेंगे। खास बात यह होगी कि सभी मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय से लाइव जुड़े रहेंगे। दरअसल सरकार राजपथ, संसद भवन और सचिवालय को नए तरीके से बनाने जा रही है। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान में नए भारत के मूल्य और आकांक्षाओं की झलक दिखेगी।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फिक्की के एक कार्यक्रम में शुक्रवार को कहा कि संसद भवन और सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की सरकार की मेगा योजना और विभिन्न मंत्रालयों के लिए एक समग्र परिसर का निर्माण कार्य अगले साल शुरू हो सकता है। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर मंत्री की यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि अगले कुछ सालों में दिल्ली दुनिया की सबसे बेहतरीन राजधानी बन जाए और इस योजना पर काम शुरु कर दिया गया है। इस योजना के तहत संसद भवन, सेंट्रल विस्टा, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक का भी पुनर्विकास किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नई बिल्डिंग को इस तरह बनाया जाएगा कि कर्मचारी पैदल चलकर ही एक दूसरे मंत्रालय में जा सकेंगे। रेल भवन, शास्त्री भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन, वायुसेना भवन, आर्मी मुख्यालय, नीति आयोग, चुनाव आयोग और कृषि भवन आदि मंत्रालयों की बिल्डिंगों को मिलाकर एक भव्य परिसर बनाया जाएगा। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किमी के दायरे में मौजूद सेंट्रल विस्टा (केंद्रीय भूदृश्य) को पुनर्विकसित करने की मेगा योजना के तहत मोदी सरकार ने संसद भवन, एकीकृत केंद्रीय सचिवालय और सेंट्रल विस्टा के विकास या पुनर्विकास के लिए प्रस्ताव मांगा है।
संसद भवन के स्थान और डिजायन के बारे में पूछे जाने पर पुरी ने कहा कि अभी सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मध्य अक्टूबर तक हम टेंडर (डिजाइन के लिए) आमंत्रित किए जाएंगे और अगले साल तक निर्माण शुरू हो सकता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले भवनों को इस परियोजना में शामिल किया जाए। इसके लिए दुनिया के बेहतरीन डिजाइनर्स और आर्किटेक्ट फर्मों की मदद ली जाएगी। कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट होने से विभिन्न मंत्रालयों का कामकाज आसान हो जाएगा। पुरी ने कहा कि अगले चुनाव के समय यानी 2024 में जब हम मिलेंगे, उम्मीद है कि नए संसद भवन में होंगे।