मोदी सरकार अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर एंटी पोस्ट करने वालों को आड़े हाथ लेने की तैयारी में है। ऐसे यूजर्स पर लगाम लगाने के लिए अभी 22 जून को एक बैठक हुई, जिसमें मंत्रालयों के अधिकारी और सिक्योरिटी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। केंद्र का मानना है कि सोशल मीडिया पर एंटी नेशनल प्रोपेगेंडा का दौर चल गया है, जो सिर्फ हालात बिगाड़ने के काम आ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र का मानना है कि ऐसे पोस्ट्स का इस्तेमाल सिर्फ गलतफहमी फैलाने के लिए किया जाता है, जिनपर रोक लगाई जानी बेहद जरूरी है।
दरअसल, अभी फिलहाल अश्लील और साइबर क्राइम आईटी एक्ट और आईवीसी के अंडर आते हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि एंटी पोस्ट करने वालों पर भी इसकी गाज गिर सकती है। गृह मंत्रालयल के सूत्रों की माने तो इस नए बदलाव की उन विवादित पोस्ट्स के खिलाफ जरूरत है, जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे जुड़ी अगली मीटिंग जुलाई में हो सकती है।