वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेकबुक सुविधा वापस लेने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। सरकार की तरफ से यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ हिस्सों में उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निकट भविष्य में चेकबुक सुविधा वापस ले सकती है।
वित्त मंत्रालय की तरफ से ट्वीट में कहा गया, ‘भारत सरकार यह पुष्टि करती है कि बैंकों की तरफ से चेकबुक सुविधा वापस लेने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।’ नोटबंदी के बाद सरकार लैस कैश सोसाइटी के लिए डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार देश को लैस कैश अर्थव्यवस्था में बदलने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। लेकिन चेक भुगतान परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है। इसमें कहा गया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के रूप में चेक व्यापार और वाणिज्य की रीढ़ की हड्डी है।