स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिलिस्म टूट रहा है। देश आज एक अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। आज भारत के स्वधर्म को खतरा है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि धर्म को नागरिकता के तौर पर शामिल किया जा रहा है। मोदी सरकार देश में एक बार फिर "टू नेशन थ्योरी" को थोपना चाहती है। योगेन्द्र यादव मंगलवार को पार्टी की स्थापना के दो वर्ष पूरे होने पर बुलाई गई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में बोल रहे थे। आईटीओ के निकट राजा राम मोहन राय मेमोरियल हाल में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश भर से सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
लोकसभा चुनाव से पहले हो रही इस बैठक में स्वराज इंडिया की राष्ट्रीय परिषद ने राजनैतिक प्रस्ताव पारित करते हुए देश में आज गणतंत्र का संकट, चुनाव की चुनौती और स्वराज इंडिया की जिम्मेदारी, आदि विषयों पर चर्चा की। यादव ने कहा, मोदी सरकार निकम्मी साबित हुई है। इस सरकार ने अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया। स्वराज इंडिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाला लोकसभा चुनाव देश के वास्तविक मुद्दों पर लड़ा जाए। आगामी छह माह में अगर किसानों और नौजवानो को आंदोलन की धारा से नहीं जोड़ा गया तो देश में हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर साम्प्रदायिक दंगे होंगे।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय गणतंत्र को सत्ता के केंद्र में बैठे लोगों से खतरा है। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से देश का आम आदमी त्रस्त है। विकास का मॉडल चंद घरानों की तिजोरी भरने के मकसद को लेकर तैयार किया जा रहा है। मीडिया खौफ के साये में काम कर रहा है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर जो हमला हो रहा है, वह इमरजेंसी के दौर में भी नहीं हुआ था। मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है। देश में पिछले चार साल के दौरान या तो लांचिंग हुई है या लिंचिंग हुई है।
स्वराज अभियान के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मोदी सरकार ने मीडिया के ऊपर ताला डाल दिया गया है। अभिवक्ति कि स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है। मोदी सरकार अपने झूठे प्रचार में सरकारी पैसा खर्च कर देश को गुमराह कर रही है। इमरजेंसी में लोकतंत्र खतरे में था, मगर आज भारत की सभ्यता खतरे में है। उन्होंने कहा कि आज चुनौती दूसरी है। अगर मोदी सरकार 2019 में आ गई तो इस देश में लोकतंत्र और सभ्यता नहीं बचेगी। आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा को हराना है।