केंद्र सरकार एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनडीए के दलित सांसदों की मांग पर सकारात्मक कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने फैसला किया है कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार अर्जी दाखिल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ बीजेपी के नेताओं ने भी चिंता जाहिर की थी। दलित सांसदों ने थावर चंद गहलोत के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की थी कि इस मामले पर केंद्र की तरफ से पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। सभी की चिंताओं को देखते हुए मोदी सरकार ने इस बाबत कदम उठाने का फैसला किया है।
सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधि मंत्रालय से राय-मशविरा के बाद यह फैसला लिया गया। दोनों मंत्रालयों के सचिवों की बैठक में इस याचिका का मसौदा तैयार किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक अगले हफ्ते तक केंद्र सरकार यह याचिका दायर कर सकती है। बुधवार को एनडीए के दलित आदिवासी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके अलावा विपक्ष लगातार इसके लिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मोदी राज में देश के दलित वर्ग को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।
आपको बता दें कि
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दलितों से जुड़े केस को दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर की जांच करानी होगी। किसी भी सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार करने से अपने सीनियर अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ेगी। कोर्ट का कहना है कि इस एक्ट के दुरुपयोग के कई मामले सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र की तरफ से दायर याचिका के बाद यह फैसला आया है।